सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स Oscars का आयोजन 9 फरवरी को

सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स में से एक Oscars का आयोजन 9 फरवरी को किया जाएगा।
नौ फरवरी को 92वें अकेडमी अवॉर्ड्स यानी Oscars का आयोजन किया जाएगा। ऑस्कर्स को सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड शोज में से एक माना जाता है, जिसका सभी लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं।
इस साल भारत की तरफ से ‘गली बॉय’ को Oscars नॉमिनेशन के लिए भेजा गया था पर वह अपनी जगह नहीं बना सकी।
खैर, Oscars को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होंगे। मसलन, विनर्स को क्‍या-क्‍या मिलेगा, बेस्ट फिल्म कैसे और किस आधार पर चुनी जाती है, नॉमिनेशन में एंट्री कैसे होती है…
जीतने वाले को ट्रॉफी के अलावा क्या इनाम मिलता है?
जीतने वाले को Oscars के अलावा कोई कैश प्राइज नहीं मिलता। हालांकि 2016 में हुए Oscars में विनर्स को एक करोड़ से भी अधिक का ऑस्कर स्वैग बैग मिला था, जिसमें काफी सारे गिफ्ट आइटम थे। इस बार भी Oscars विनर को गोल्ड ट्रोफी तो मिलेगी ही, साथ ही 2.15 लाख डॉलर के गिफ्ट भी मिलेंगे।
सीनेट डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार स्वैग बैग में मिलियाना के क्रिस्टल ईयररिंग्स, 24 कैरेट्स का गोल्ड वेप पेन और 12 दिन का क्रूज ट्रिप मिलेगा। इसके अलावा इसमें मील किट, न्यूट्रीशन बार और अरोमाथैरेपी का गिफ्ट सेट भी होगा।
Oscars अवॉर्ड से क्या फायदा मिलता है?
कॉलगेट रिसर्च स्टडी के अनुसार Oscars जीतने वाले ऐक्टर्स की फीस में इजाफा हो जाता है। उनकी फीस में करीब 81 पर्सेंट तक बढ़ जाती है। हालांकि यह सिर्फ मेल एक्टर्स के मामले में ही है।
क्या Oscars अवॉर्ड सच में सोने का होता है?
Oscars की स्टैच्यू सॉलिड ब्रोंज़ की होती है और उस पर 24 कैरट सोने की परत चढ़ी होती है। हालांकि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, मेटल की कमी के कारण Oscars स्टैच्यू को 3 सालों तक पेंटेड प्लास्टर से बनाया गया।
Oscars ट्रोफी की कीमत कितनी होती है?
आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस Oscars अवॉर्ड पर अरबों रुपये खर्च किए जाते हैं, उसकी ट्रोफी की कीमत 1 डॉलर है जबकि इसे तैयार करने में ही 36 हजार रुपये तक का खर्चा आता है।
क्या विनर्स Oscars बेच सकते हैं?
नियमों के मुताबिक ऑस्कर विनर्स का ट्रोफी पर कोई मालिकाना हक नहीं होता। वे चाहकर भी इसे नहीं बेच सकते। अगर विनर्स को ऑस्कर ट्रोफी बेचनी है तो सबसे पहले उन्हें अकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स ऐंड साइंसेज को बेचनी होगी जो इसे सिर्फ 1 डॉलर में खरीदेगी।
इस बार ऑस्कर अवॉर्ड्स पर कितना खर्चा हो रहा है?
कहा जा रहा है कि इस बार ऑस्कर्स पर 44 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3 अरब 13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
ऑस्कर के लिए फिल्म को कैसे नॉमिनेट किया जाता है?
नॉमिनेशन कुछ इस तरह से होता है- ऐक्टर्स ऐक्टर्स को नॉमिनेट करते हैं, फिल्म एडिटर्स आपस में एक-दूसरे को नॉमिनेट करते हैं। नॉमिनेशन की वोटिंग पेपर और ऑनलाइन बैलेट दोनों के जरिए की जाती है। यह प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हो जाती है, जिसके बाद जनवरी के बीच में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नॉमिनेशन्स की घोषणा की जाती है। फाइनल वोटिंग ऑनलाइन आयोजित की जाती है।
ऑस्कर में एंट्री पर कितना खर्च आता है?
रिपोर्ट्स के अनुसार ऑस्कर में एंट्री के लिए 20 लाख से लेकर करोड़ों तक का खर्च आ सकता है लेकिन एंट्री के बाद भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। फिल्म की एंट्री के अलावा उसके प्रमोशन में भी करोड़ों तक का खर्चा आता है।
ऑस्कर के लिए फिल्म कैसे चुनी जाती है?
साल की जो भी सबसे चर्चित फिल्में होती हैं उनमें से सिर्फ 9 फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंचती हैं। उन 9 फिल्मों में से सिर्फ टॉप पांच फिल्मों को ही नॉमिनेशन मिलता है। इन्हीं 5 फिल्मों में से किसी एक फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड मिलता है। फिल्म के चुनाव के लिए अकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स ऐंड साइंसेज की एक रिसर्च टीम होती है, जिसमें ऐक्टर्स से लेकर डायरेक्टर, सिनेमेटोग्राफर, हेयर स्टाइलिस्ट, प्रोड्यूसर जैसे कई और लोग होते हैं। यह टीम नॉमिनेट की गई फिल्मों को हर पैमाने पर देखती है और ओके करती है। टीम के इन सभी मेंबर्स के लिए फिल्ममेकर्स को अपनी नॉमिनेट की गई फिल्मों की स्क्रीनिंग रखनी पड़ती है और उसे तरह-तरह से प्रमोट करना पड़ता है। जो फिल्म नॉमिनेटेड होती है, उसके लिए वोटर्स वोटिंग के वक्त वोटिंग करते हैं और जिसे सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं उस फिल्म को विनर घोषित किया जाता है।
-एजेंसियां

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