हेलिकॉप्टर घोटाला: रतुल पुरी और राजीव सक्सेना के टेक्स्ट मेसेज लीक

नई दिल्‍ली। 3,600 करोड़ रुपये के अगस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की भूमिका पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। रतुल और इस मामले में दुबई से प्रत्यर्पित आरोपी राजीव सक्सेना के बीच हुई बातचीत के कुछ टेक्स्ट मेसेज लीक हो गए हैं। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि ये मेसेज हेलिकॉप्टर से संबंधित ही हैं।
एक बातचीत में दोनों सुशेन मोहन गुप्ता की चर्चा कर रहे हैं जो इस मामले में सह-आरोपी है। सक्सेना ने जब सरकारी गवाह बनने की पेशकश की तो वकील ने उसकी पत्नी के खिलाफ जो विपरीत दावे किए, उनकी भी चर्चा दोनों के बीच हुई।
बातचीत में कहा गया कि गुप्ता के वकील ने सक्सेना के दावों की हकीकत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसकी (सक्सेना की) पत्नी ने अतीत में एक बॉलिवुड सिलेब्रिटी के खिलाफ ‘झूठा’ मुकदमा दायर करवाया था।
अधिकारियों को चकमा देकर भागा कमलनाथका भांजा
मेसेज सामने आने के बाद जांच अधिकारी शुक्रवार को कमलनाथ के भांजे से पूछताछ के लिए पहुंचे तो वह वॉशरूम जाने के बहाने भाग निकला। उसके बाद उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया और अग्रिम जमानत के लिए अपने वकील से संपर्क किया। स्थानीय अदालत ने सोमवार तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत की याचिका पर सोमवार को विचार होगा। पुरी की इस याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी अपने विचार कोर्ट के सामने रखेगा और उसकी अग्रिम जमानत का विरोध करेगा।
ईडी की आशंका
जांचकर्ताओं को आशंका है कि सक्सेना दबाव में है और उसने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में पुरी की कथित सहभागिता संबंधी अपनी जानकारी का खुलासा नहीं करने में ही भलाई समझी। लीक हुए मेसेज पर सक्सेना से भी पूछताछ हो चुकी है। इनकम टैक्स अधिकारियों ने अप्रैल में पुरी समेत कमलनाथ के कुछ सहयोगियों से पूछताछ की थी। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने कथित तौर पर पुरी का एक मोबाइल फोन भी सीज कर लिया था।
सक्सेना ने छिपाई जानकारी: ईडी
ईडी ने कोर्ट से सक्सेना की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है। उसने कोर्ट में कहा कि सक्सेना ने आरोपी की सहभागिता की पूरी जानकारी जानबूझकर नहीं दी। ईडी ने कहा कि अगुस्टावेस्टलैंड चॉपर डील के लिए सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के किन-किन चैनलों का इस्तेमाल किया गया, सक्सेना ने उसकी भी जानकारी नहीं दी।
इस शर्त पर सक्सेना को मिली थी गवाह बनने की अनुमति
एक अदालत ने फरवरी में सक्सेना को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे दी। इसके लिए कोर्ट ने ईडी की सहमति मांगी थी तो ईडी ने कहा था कि सक्सेना को गवाह बनने की अनुमति तभी दी जाए जब वह मामले में पूरा खुलासा करने को तैयार हो। सक्सेना की इसी वर्ष दुबई से प्रत्यर्पण किया गया था। सक्सेना ने न्यायिक स्वीकारोक्ति में कथित रिश्वत का पैसा पहुंचाने के तरीकों का खुलासा किया था। ईडी ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग का प्रमुख खिलाड़ी बताया था। सक्सेना ने दावा किया था कि उसे अगुस्टावेस्टलैंड घोटाले में शामिल खिलाड़ियों की भूमिका की जानकारी है।
-एजेंसियां

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