गुब्‍बारे को पेंट कर मिसाइल लॉन्‍चर बताने पर चीन की पोल खुली

भारत और ताइवान के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए सोशल मीडिया में रोज नए-नए पोस्‍ट कर रहे चीन के दुष्‍प्रचार की पोल खुल गई है। चीन ने डराने के लिए मिसाइल लॉन्‍चर के आकार के गुब्‍बारे को पेंट करके उसमें हवा भर दी। हद तो तब हो गई जब चीन के प्रोपेगैंडा फैलाने वाले तंत्र ने इसे मिसाइल लॉन्‍चर बताकर शेयर करना शुरू कर दिया। हालांकि एक गड़बड़ी से उनके इस दावे की हवा निकल गई और अब उनकी जमकर किरकिरी हो रही है।
दरअसल, चीन की सेना पीएलए ने जिस गुब्‍बारे को रॉकेट लॉन्‍चर की शक्‍ल दिया था, वह एक जगह से प‍िचका हुआ था। चीन के दुष्‍प्रचार तंत्र को जब यह अहसास हुआ तो उन्‍होंने इस फोटो को हटा लिया। अब सोशल मीडिया में चीन की जमकर किरकिरी हो रही है। दरअसल, युद्ध में अपने शत्रु देश को धोखा देने के लिए दुनिया के कई देश नकली हथियार तैनात करते हैं।
टैंक के विडियो को लेकर ड्रैगन की जमकर किरकिरी
चीन की इस चाल का शिकार खुद उसी का तंत्र हो गया। इससे पहले सोशल मीडिया में वायरल चीनी टैंक के विडियो को लेकर ड्रैगन की जमकर किरकिरी हुई थी। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर शेयर हुए इस वीडियो में दिखाई दे रहा था कि उसका एक amphibious टैंक जो पानी के अंदर और बाहर, दोनों जगह फंक्शन कर सकता है, वह खुद ही डूब जाता है। कहा जाता है कि पानी के रास्ते ही चीन ताइवान को निशाना बनाने की फिराक में है। ऐसे में इस वीडियो ने उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर दिया।
चीनी टैंक की क्वॉलिटी पर उठे सवाल
इस amphibious टैंक का काम होता है पानी के अंदर रहकर इंतजार करना और जरूरत पड़ने पर अचानक हमला करना या किसी संदिग्ध वाहन को नदी पार करने से रोकना। इसके साथ ही ये आरोप भी लग रहे हैं कि ये टैंक ठेके के मानकों से उलट घटिया क्वॉलिटी के पतले और कमजोर स्टील से बनाए गए हैं जिसकी वजह से यह डूब गया। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
-एजेंसियां

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