चीन की ताजा हरकत LAC पर यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिश: भारत

नई दिल्‍ली। विदेश मंत्रालय ने आज अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में रूस में होने वाली एससीओ मीटिंग के दौरान भारत-चीन के बीच बातचीत की संभावनाओं, भारत-चीन सीमा विवाद, चीनी ऐप पर बैन, कुलभूषण जाधव केस समेत तमाम मुद्दों से जुड़े सवालों का जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन की हालिया हरकत LAC पर यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिश थी।
चीन के साथ सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत हर विवाद का बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत सभी मुद्दों का बातचीत के जरिए हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत चीन से पुरजोर तरीके से अपील करता है कि वह सीमा पर कंपलीट डिसइंगेजमेंट के जरिए शांति की बहाली के लिए भारतीय पक्ष के साथ ईमानदारी से बातचीत करे।
मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने चीन के 118 ऐप पर बैन के हालिया फैसले पर कहा कि एफडीआई को लेकर भारत में सबसे ज्यादा खुलापन है लेकिन इंटरनेट कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वह सरकार के नियमों का पालन करें।
चीन के 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘एफडीआई को लेकर जिसमें इंटरनेट और डिजिटल कंपनियां भी शामिल हैं, भारत दुनिया में सबसे खुले देशों में शामिल है। हालांकि, उनकी (कंपनियां) जिम्मेदारी है कि भारत सरकार की तरफ से जारी नियम-कानूनों का पालन करें।’
रूस में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक से इतर क्या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चीनी समकक्ष से मुलाकात होगी, इस सवाल के जवाब में श्रीवास्तव ने कहा कि वह रूसी रक्षा मंत्री से तो मिलेंगे लेकिन बाकी द्विपक्षीय बैठकों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह जब यह पूछा गया कि क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर भी एससीओ मीटिंग में हिस्सा लेंगे तो उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को विदेश मंत्री एससीओ की बैठक में हिस्सा लेंगे। हालांकि, उन्होंने जयशंकर के चीनी समकक्ष से मुलाकात के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। श्रीवास्तव ने कहा कि विदेश मंत्री किन-किन नेताओं के साथ द्विपक्षीय बात करेंगे यह अभी तय नहीं हुआ है।
कुलभूषण जाधव से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए पाकिस्तान के संपर्क में है। जाधव की सुरक्षा के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
रणनीतिक तौर पर काफी अहम क्वॉड मीटिंग के भारत में होने से जुड़े सवाल पर श्रीवास्तव ने कहा कि भारत इस साल के आखिर में क्वॉड मीटिंग की मेजबानी करेगा। हालांकि, उसका कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। क्वॉड में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
अनुराग श्रीवास्तव ने कोरोना काल में विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत पर कहा कि 2 सितंबर तक 33 लाख भारतीयों को विदेशों से लाया जा चुका है। 1 सितंबर से वंदे भारत मिशन का छठा चरण शुरू हो चुका है। इसके तहत 24 देशों से 1007 फ्लाइट्स के जरिए करीब 2 लाख और भारतीयों को लाने की उम्मीद है।
चीन की चाल देखकर रफ्तार बदल रहा भारत
भारत ने लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर बॉर्डर को सेफ रखने वाले मोड में आ गई है। पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर मुंह की खाने के बाद चीनी सेना के जवाबी एक्‍शन की पूरी संभावना है। पीपल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने चुशूल सेक्‍टर में आक्रामक रुख दिखाया है। इसके अलावा अब उसका फोकस अक्‍साई चिन इलाके की तरफ जाता लग रहा है। पिछले कुछ दिनों में वहां पीएलए एयरफोर्स की खासी हलचल नोटिस की गई है। जवाब में भारत ने भी एडिशनल फोर्स, हथियार, गोला-बारूद जुटा लिया है।
चीनी सेना के मूवमेंट को देखते हुए भारतीय फोर्स भी उसी के मुताबिक मूव कर रही है। उन इलाकों में सब इंतजाम मौजूद हैं जहां चीनी सेना कब्‍जा करने की कोशिश कर सकती है। सेना के एक सीनियर अधिकारी ने लिखा है, “भारतीय सेना अब सिक्‍योर बॉर्डर मोड में है ताकि लद्दाख में चीनी पीएलए की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। भारतीय बलों की रीपोजशनिंग चीन की आक्रामकता को ध्‍यान में रखकर की गई है। य‍ह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सारी पोजिशंस डिफेंड की जाएं।”
देपसांग और चुमुर पर फोकस
भारतीय सेना ने देपसांग के मैदानी इलाकों के पास चीनी फोर्सेज की मौजूदगी देखते हुए खास तैनाती की है। वहां पर हथ‍ियारबंद और मशीन के मिक्‍स वाले खास लड़ाकू समूह को तैनात किया गया है। चुमुर में भी पीएलए के मुकाबले में स्‍पेशल ग्रुप भेजा गया ताकि चीनी सेना को साफ संदेश मिले कि भारत एक इंच जमीन देने को तैयार नहीं है। देमचोक और चुमुर इलाके में भारत की पकड़ मजबूत हे। यहां भारत की नजर ल्‍हासा-काशगर (219) हाइवे पर रहती है जो पीएलए की लॉजिस्टिक्‍स सप्‍लाई के लिए बहुत अहम है।
चुशूल में भारत की धाक
चीनी सेना के मुकाबले में भारत ने स्‍पेशल फोर्सेज को उतार दिया है। पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर चीनी मिशन को नाकाम करने में स्‍पेशल फ्रंटियर फोर्स का खास रोल बताया जा रहा है। चूशुल में भारत की जो पोजिशन है, उसके हिसाब से अगर चीन ने जरा भी आगे बढ़ने की कोशिश की तो उसे बेहद मुश्किल चुनौती से निपटना होगा।
ऑन द स्‍पॉट लिए जा रहे फैसले
चीन ने पैंगोंग झील के पास हुई झड़प के लिए भारत को जिम्‍मेदार ठहराया जबकि भारत ने साफ कहा कि चीनी टुकड़ी को आगे बढ़ता देख भारत ने पहले ही ऊंचाइयों पर कब्‍जा कर लिया। डिप्‍लोमेटिक और मिलिट्री लेवल पर बातचीत के बावजूद चीन LAC पर अप्रैल 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल नहीं कर रहा है। भारत ने खुद को हर परिस्थिति के लिए तैयार कर लिया है। अब फैसले हेडक्‍वॉर्टर लेवल पर नहीं, ऑन द स्‍पॉट हो रहे हैं।
-एजेंसियां

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