मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स में चीटिंग करते पकड़ी गई चीन की टीम, अयोग्‍य घोषित

बीजिंग। मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स के दौरान चीन की टीम को चीटिंग करते पाया गया है। इसके बाद टीम को अयोग्य घोषित कर दिया गया। चीन की टीम ओरिएंटियरिंग चैलेंज (रास्ता खोजने की प्रतियोगिता) में सही रास्ता खोजने में नाकाम रही थी, इसके बाद उन्होंने गोपनीय रास्तों और चिह्नों का इस्तेमाल किया। प्रतियोगिता चीन के वुहान में आयोजित की जा रही है।
ओरिएंटियरिंग चैलेंज एक मध्यम दूरी की प्रतियोगिता है, जिसमें प्रतियोगी टीम को दुर्गम इलाकों में नक्शे की सहायता से रास्ता खोजना होता है। इसे सबसे कम समय में पार करने वाली टीम विजेता घोषित की जाती है। चीन की टीम ने नक्शे की मदद से रास्ता खोजने में नाकाम रहने पर अमान्य तरीकों का इस्तेमाल किया।
आईओएफ ने पकड़ी चीनी टीम की चीटिंग
चीन की टीम इस प्रतियोगिता के कुछ हिस्सों में शीर्ष स्थान पर रही थी, लेकिन जांच में चीनी टीम की कारगुजारी सामने आई। इंटरनेशनल ओरिएंटियरिंग फेडरेशन (आईओएफ) ने कहा, “चीन की टीम के लिए कई तरह के पहचान चिह्न बनाए गए थे और खास तौर पर छोटे रास्ते तैयार किए गए थे। इसकी जानकारी केवल उन्हें ही थी।” महिलाओं और पुरुषों की सम्मिलित टीम में शामिल सभी प्रतियोगी चीनी सेना में कार्यरत सैनिक हैं। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद चीन के चीन के रक्षा मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी खेलों की संयुक्त आयोजक है।
चीनी खिलाड़ी पहले भी चीटिंग करते पकड़े गए हैं
ओरिएंटियरिंग अकेला ऐसा खेल नहीं है, जिसमें चीन की टीम ने घालमेल किया है। इससे पहले मैराथन के दौरान भी चीनी एथलीट ने इसी तरह धोखेबाजी की थी। मार्च में हाफ मैराथन में एक चीनी महिला ने दौड़ने की जगह साइकिल का इस्तेमाल किया, तो वहीं दर्जनों चीनी एथलीटों ने इसके लिए शॉर्टकट लिए थे। इसी साल के बोस्टन मैराथन में नियम तोड़ने के लिए 3 चीनी धावकों को जीवन भर के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।
हर चार साल में आयोजित होते हैं मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स
मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स हर चार साल में दुनिया भर के सैन्य एथलीटों को एक साथ लाते हैं। इस बार प्रतियोगिता के आयोजक चीन ने खेलों के लिए 10,000 सैनिकों, कोच और अधिकारियों की मेजबानी के लिए वुहान में खेलगांव का निर्माण किया है, 18 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसका उद्घाटन किया था।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *