China ने कहा, अरुणाचल प्रदेश में अब बाढ़ का खतरा नहीं

पेइचिंग। China ने सोमवार को कहा है कि यारलुंग त्सांगपो नदी (ब्रह्मपुत्र नदी की ऊपरी धारा) में बाढ़ की स्थिति खत्म हो गई है। यह नदी अब सामान्य स्थिति में आ गई है। China द्वारा एक आर्टिफिशल झील के निर्माण के कारण इसमें बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिस कारण भारत के अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। China ने यह भी कहा कि वह बाढ़ का डेटा भारत के साथ शेयर करता रहेगा।
इसके कारण से आई लैंडस्लाइड की वजह से अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे रह रहे लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था। इस लैंडस्लाइड की जानकारी चीन ने ही भारत को दी थी। आर्टिफिशल झील बनाने के लिए चीन ने यारलुंग त्सांगपो नदी का पानी रोक दिया था।
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी बड़ी घटना से निपटने के लिए तैयार रहने को भी कहा। यारलुंग त्सांगपो नदी को अरुणाचल प्रदेश में घुसने पर सिआंग कहा जाता है, वहीं यह नदी जब असम में प्रवेश करती है तो इसे ब्रह्मपुत्र का नाम दिया जाता है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ शुनयिंग ने मीडिया से बात करते हुए बताया, ’20 अक्टूबर तक, नदी का प्रवाह सामान्य हो गया था। भूस्खलन की स्थिति पर हम लोग करीब से नजर रख रहे हैं। साथ ही हर स्थिति के बारे में भारत को भी जानकारी दे रहे हैं।’ हुआ ने कहा कि चीन के हायड्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने भारत को लैंडस्लाइड के तुरंत बाद भारत को सूचना दी थी। साथ ही इमर्जेंसी रिपोर्टिंग मकैनिजम भी शुरू किया था। उन्होंने कहा, ’22 अक्टूबर तक हमने 7 बाइट हाइड्रोलॉजिकल इन्फॉर्मेशन भारत को दी है। साथ ही हम लोग नदी के प्रवाह के बारे में भी भारत के जानकारी दे रहे हैं।’
-एजेंसियां

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