चीन ने अपराध घोषित किया गलवान घाटी में मारे गए अपने सैनिकों की संख्‍या पूछना, हो सकती है कम से कम 3 साल की सजा

पेइचिंग। चीन में सैनिकों के मौत के बारे में इंटरनेट पर सवाल पूछना अब अपराध घोषित कर दिया गया है। कोई भी चीनी नागरिक अगर सोशल मीडिया पर चीनी सैनिकों के मौत से जुड़े सवाल पूछता हुआ पाया गया तो उसे कम के कम तीन साल के लिए जेल की सजा सुनाई जा सकती है। दरअसल, पिछले महीने ही चीन ने भारतीय सेना के साथ गलवान में हुई झड़प में अपने चार सैनिकों की मौत की बात कबूली थी। जून में हुई इस घटना के लगभग 8 महीने बाद तक चीन ने कभी भी अपने सैनिकों के मौत की सच्चाई को स्वीकार नहीं किया था।
गलवान पर सवाल करने वाला चीनी ब्लॉगर गिरफ्तार
चीन ने पिछले महीने 19 फरवरी को लिटिल स्पाइसी पेन बॉल नाम के एक ब्लॉग को चलाने वाले किउ जिमिंग को इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने गलवान में चीनी सैनिकों के मौत से जुड़ा एक सवाल पूछा था। बता दें कि पूर्व पत्रकार किउ जिमिंग के ब्लॉग को चीन में खासा पसंद किया जाता है। चीनी सोशल मीडिया वीबो पर बने उनके इस ब्लॉग को करीब 25 लाख लोग फॉलो करते हैं।
आरोप साबित हुआ तो होगी 3 साल की कैद
किउ जिमिंग ने अपने ब्लॉग में सवाल पूछा था कि अगर चार चीनी सैनिक अपने साथियों को बचाने की कोशिश में मारे गए तो कई ऐसे लोग जरूर होंगे जिन्हें सफलतापूर्वक बचाया नहीं गया था। इसका मतलब मृतकों की संख्या केवल चार नहीं हो सकती है। इस पोस्ट के बाद किउ को गिरफ्तार कर लिया गया और उनपर देश के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि अगर अपराध सिद्ध हो जाता है तो इस ब्लॉगर को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है।
1 मार्च से लागू हुआ है नया कानून
इसी महीने चीन के चीफ प्रॉसिक्यूटर ऑफिस से प्रकाशित एनुअल वर्क रिपोर्ट में लिखा है कि लिटिल स्पाइसी पेन बॉल ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से मारे देश और सीमा की रक्षा करने वाले नायकों को बदनाम और अपमानित किया है। किउ का यह मामला 1 मार्च से प्रभावी हुए नए कानून के तहत कोर्ट में रखा जाएगा। नए कानून में चीन के क्रांतिकारियों और सैनिकों को बदनाम करने वालों को कड़ी सजा दिए जाने का प्रावधान है।
चीन ने सवाल पूछने वाले 6 लोगों को किया गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि चीन की पुलिस ने कम से कम 6 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने सोशल मीडिया पर सैनिकों के मौत पर सवाल पूछे थे। बता दें कि चीनी सरकार उन लोगों को क्रांतिकारी और शहीद मानती है, जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के लिए अपना बलिदान दिया हो। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने कार्यकाल के पहले से ही सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की तरफदारी करते रहे हैं। उनके शासन में आने के बाद चीन में इंटरनेट पर कई तरह की कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं।
सेना पर सवाल उठाने वाला एक और चीनी युवा बना वांटेड
ऐसा ही मामला 19 वर्षीय वांग जिंगयु का है, जो अमेरिका में रहता है। अब वह चीन के अपने गृहनगर चोंगकिंग में एक वांछित व्यक्ति है। चीनी अधिकारियों ने वांग जिंगयु के ऊपर वीबो पर मारे गए चीनी सैनिकों की निंदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चीनी सैनिकों की मौत को लेकर सवाल पूछा था। चीन की सरकार का कहना है कि साइबर स्पेस कानून से बाहर नहीं है।
-एजेंसियां

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