Child Trafficking: मदर टेरेसा को दिया गया भारत रत्न वापस लेने की मांग

नई दिल्ली। मदर टेरेसा द्वारा शुरु किए गए मिशनरीज ऑफ चैरिटी में Child Trafficking मामले के खुलासे के बाद विवाद हो गया है। इस विवाद के चलते आरएसएस के एक नेता ने तो मिशनरीज ऑफ चैरिटी के Child Trafficking के इस मामले में दोषी पाए जाने पर मदर टेरेसा से भारत रत्न की उपाधि वापस लेने की मांग कर डाली है। अब भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी आरएसएस नेता का समर्थन किया है। इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि “वह 100 प्रतिशत आरएसएस नेता की बात का समर्थन करते हैं।”
अपनी बात के समर्थन में सुब्रमण्यन स्वामी ने तर्क देते हुए कहा कि “ब्रिटिश लेखक क्रिस्टोफर हर्चेन्स ने अपनी किताब “द मिशनरीज पोजिशनः मदर टेरेसा इन थ्योरी एंड प्रैक्टिकल” में मदर टेरेसा द्वारा किए गए सारे फ्रॉड को डॉक्युमेंटिड किया है।”
सुब्रमण्यन स्वामी ने बताया कि “जब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं तो उन्होंने सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र नॉर्वे की नोबेल सोसाइटी को भेजकर मदर टेरेसा को नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी, लेकिन उस वक्त भी उन्होंने उस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। सुब्रमण्यन स्वामी ने मदर टेरेसा के जनकल्याण के कामों को प्रोपेगैंडा और कवर करार दिया। भाजपा नेता ने बताया कि जब वह 80 के दशक में हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे, उस वक्त कैलिफॉर्निया की एक अदालत के एक जज को मदर टेरेसा ने पत्र लिखकर एक अपराधी को छोड़ने की अपील की थी।
स्वामी के अनुसार उस अपराधी को बाद में अदालत ने 150 साल की सजा सुनायी थी और उस पर लाखों लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप था। स्वामी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को छोड़ने के लिए मदर टेरेसा ने जज को चिट्ठी लिखी थी। स्वामी ने कहा कि यह सब कुछ रिकॉर्ड में है।”
गौरतलब है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर लगे Child Trafficking के आरोपों को चर्च ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी का नाम खराब करने की कोशिश बताया है। इस पर सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर आरोप हमारी तरफ से नहीं लगाए गए हैं, वहीं के लोग इस पर आरोप लगा रहे हैं।
स्वामी के अनुसार मदर टेरेसा के खिलाफ अपराध के कई उदाहरण हैं, फिर उन्हें हमारे समाज में नोबेल व्यक्ति के तौर पर क्यों सेलिब्रेट किया जाता है?
जब पत्रकार ने कहा कि ममता बनर्जी ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी का समर्थन किया है, तो इस पर सुब्रमण्यन स्वामी ने इस मुद्दे पर ममता बनर्जी को बहस की चुनौती भी दे डाली। बता दें कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर झारखंड के रांची में नवजात बच्चों को बेचने का आरोप लगा है। जिस पर आरएसएस नेता राजीव तुली ने मिशनरीज के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर मदर टेरेसा की भारत रत्न की उपाधि वापस लेने की मांग की थी।
-एजेंसी

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