चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने Roster बदला, जनहित याचिकाएं खुद सुनेंगे

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने Roster बदल दिया, अब  नए Roster के अनुसार जनहित याचिकाओं से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई खुद ही करेंगे, इसके अलावा जस्टिस मदन बी लोकुर भी जनहित याचिका पर सुनवाई कर सकेंगे। जस्टिस लोकुर के पास सुनवाई के लिए वे जनहित याचिकाएं ही जाएंगी जो मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे।

आज नवनियुक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कार्यभार संभालते ही सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर जारी कर दिया है। नए रोस्टर के अनुसार जनहित याचिकाओं से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई खुद ही करेंगे।

नया रोस्टर मुकदमों की श्रेणी के अनुसार बनाया गया है। कार्यकाल के पहले ही दिन उन्होंने चुनाव सुधार से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया और वकील को फटकार लगाई। गौर करने वाली बात यह है कि जस्टिस दीपक मिश्रा के समय जनहित याचिका पर सुनवाई केवल जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ही करती थी।

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट में रोस्टर का मुद्दा काफी चर्चा में रह चुका है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने ( इनमें CJI रंजन गोगोई भी शामिल थे) रोस्टर पर सवाल उठाए थे। सभी जजों ने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

नाराज जजों ने रोस्टर को लेकर कई बार CJI से शिकायत भी की थी. हालांकि, बाद में ये ही तय हुआ था कि चीफ जस्टिस ही मास्टर ऑफ रोस्टर हैं, वह जो तय करेंगे वो ही अंतिम फैसला होगा।

गौरतलब है कि जस्टिस रंजन गोगोई ने बुधवार को भारत के प्रधान न्यायधीश के रूप में शपथ ली। गोगोई को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई।  वह मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के बाद भारत के 46वें प्रधान न्यायधीश बने हैं।

दीपक मिश्रा का कार्यकाल दो अक्टूबर को समाप्त हो गया था और सोमवार को शीर्ष अदालत में उनके कार्यकाल का आखिरी दिन था। जस्टिस गोगोई (64) सर्वोच्च अदालत में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले न्यायधीश हैं। वह 17 नवंबर 2019 तक 13 महीने 15 दिनों तक के लिए कार्यभार संभालेंगे।
– एजेंसी

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