चीटिंग स्‍कैंडल: कार कंपनी Audi के CEO रूपर्ट स्‍टेडलर गि‍रफ्तार

बर्लि‍न। जर्मनी की कार कंपनी Audi के CEO रूपर्ट स्‍टेडलर को पेरेंट कंपनी volkswagen के ‘डीजलगेट’ एमि‍शन चीटिंग स्‍कैंडल से जुड़े होने और धोखाधड़ी करने के संदेह पर गि‍रफ्तार कि‍या गया है। यह जानकारी जर्मनी के वकीलों ने दी है।
वकीलों ने एक बयान में कहा है कि गि‍रफ्तारी का वारेंट सबूतों को छि‍पाने के आधार पर जारी कि‍या गया है। वकीलों ने बीते सप्‍ताह ही रूपर्ट के घर पर छापा मारा था। वकीलों ने धोखे और दस्‍तावेजों के अनुचि‍त इस्‍तेमाल के शक के आधार पर छापा मारा था। ऑडी ने रूपर्ट स्‍टेडलर की गि‍रफ्तारी की पुष्‍टि की है।
कंपनी ने क्‍या कहा
कंपनी ने जारी बयान में कहा कि ऑडी सीईओ रूपर्ट स्‍टेडलर को इस सुबह गि‍रफ्तार कर लि‍या गया है। कंपनी ने कहा कि कोर्ट की सुनवाई यह तय करेगी कि स्‍टेडलर जेल में रहेंगे या नहीं। कंपनी ने यह भी कहा कि इस वक्‍त जांच चल रही है इसलि‍ए इस पर आगे टि‍प्‍पणी नहीं की जा सकती। ऑडी ने कहा कि स्‍टेडलर के लि‍ए निर्दोषता का भरोसा बरकरार है।
जर्मन न्‍यूज़ एजेंसी DPA की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क वकीलों को डर था कि स्‍टेडलर कार्यवाही में टाल मटोल करने की कोशि‍श कर सकते हैं। इसलि‍ए स्‍टेडलर को गि‍रफ्तार करने की मांग का फैसला लि‍या गया।
संदेह के घेरे में 20 लोग
ऑडी मामले में टोटल 20 लोग संदेह के घेरे में हैं, जिनका फोकस यूरोप में उन कारों को बेचने पर था जि‍नमें गैरकानूनी सॉफ्टवेयर लगे हैं। इस सॉफ्यवेयर से रेग्‍युलेर ड्राइविंग के दौरान एमि‍शन कंट्रोल बंद हो जाता था।
जर्मनी ने फॉक्‍सवैगन पर लगाया 1 अरब यूरो का जुर्माना
डीजल एमि‍शन स्‍कैंडल मामले में जर्मनी की अथॉरि‍टीज ने Volkswagen पर 1 अरब यूरो (करीब 1.18 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। यह जर्मनी की अथॉरि‍टीज की ओर से कि‍सी कंपनी पर लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना है।
जर्मनी की ओर से यह जुर्माना, जनवरी 2017 में अमेरि‍का की याचि‍का समझौते के बाद लगाया गया है जहां Volkswagen ने डीजल इंजन में गैरकानूनी सॉफ्टवेयर लगाने के लि‍ए 4.3 अरब डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।
-एजेंसी

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