BJP मथुरा के नवनियुक्‍त महानगर अध्‍यक्ष को चौकी प्रभारी ने दी तमीज सीखने की नसीहत, ऑडियो वायरल

मथुरा। एक ऐसे दौर में जबकि उन्‍नाव की रेप पीड़िता को जिंदा जला देने के कारण योगी सरकार पर कानून-व्‍यवस्‍था बदहाल होने का आरोप लग रहा हो और प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह द्वारा भी पुलिसकर्मियों को किसी के भी साथ अभद्र आचरण न करने की सीख आए दिन दी जाती हो, तब BJP मथुरा के नवनियुक्‍त महानगर अध्‍यक्ष विनोद अग्रवाल को एक चौकी प्रभारी द्वारा तमीज सीखने की नसीहत देना यह जाहिर करता है कि दावों के विपरीत योगीराज में भी खाकी को किसी का खौफ नहीं है।
सत्ताधारी दल के महानगर अध्‍यक्ष को एक चौकी प्रभारी द्वारा तमीज सीखने की नसीहत देना इसलिए और आश्‍चर्य में डालता है क्‍योंकि महानगर अध्‍यक्ष उनसे चोरी की एक घटना को लेकर सिर्फ यह जानना चाहते थे कि सीसीटीवी कैमरे में शिनाख्‍त होने के बावजूद आरोपी पकड़ से दूर क्‍यों हैं।
थाना कोतवाली की बंगाली घाट चौकी के प्रभारी से BJP महानगर अध्‍यक्ष विनोद अग्रवाल की 06 दिसंबर को हुई टेलीफोनिक वार्ता का ऑडियो अब वायरल हो रहा है।

सुनें: चौकी प्रभारी बंगाली घाट और भाजपा के मथुरा महानगर अध्‍यक्ष विनोद अग्रवाल के बीच हुई वार्तालाप का ऑडियो

विनोद अग्रवाल से जब इस संबंध में आज बात की गई तो उन्‍होंने बेझिझक यह स्‍वीकार किया कि चौकी प्रभारी बंगाली घाट के साथ हुई वार्ता का वायरल हो रहा ऑडियो असली है और उनके साथ चौकी प्रभारी द्वारा किया गया अभद्र व्‍यवहार यह बताने के लिए काफी है कि वो आम जनता के साथ किस तरह पेश आते होंगे।
विनोद अगवाल ने बताया कि दरअसल थाना कोतवाली की बंगाली घाट चौकी के क्षेत्र जनरल गंज में 18 नवंबर को चोरी की एक वारदात हुई थी।
इलाका पुलिस द्वारा 15 दिन से कोई संतोषजनक जवाब न देने के कारण पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत लेकर उनके पास आया तो उन्‍होंने चौकी प्रभारी को अपना परिचय देकर मामले की प्रगति जाननी चाही।
चूंकि संदिग्‍धों की वीडियो फुटेज भी इलाका पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से मिल चुकी थी इसलिए पुलिस की निष्‍क्रियता को लेकर पीड़ित पक्ष परेशान था।
BJP महानगर अध्‍यक्ष ने बताया कि ऐसे में पुलिस से मामले की प्रगति पूछने का पीड़ित पक्ष को अधिकार है लेकिन चौकी इंचार्ज बंगाली घाट उन्‍हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे थे इसलिए जब वह मेरे पास आए तो मैंने जानकारी के लिए चौकी प्रभारी को फोन किया, किंतु चौकी प्रभारी ने कुछ भी बताना तो दूर उलटे उन्‍हें ही पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। उनके इस रवैये पर आपत्ति जाहिर की गई तो वो अभद्रता करने और तमीज सिखाने लगे।
विनोद अग्रवाल ने कहा कि वो चौकी प्रभारी के अभद्र आचरण से उच्‍च अधिकारियों को अवगत कराएंगे जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल न हो और प्रदेश सरकार के भी संज्ञान में आए कि उसके प्रयास क्‍यों निरर्थक साबित हो रहे हैं।
BJP महानगर अध्‍यक्ष विनोद अग्रवाल और चौकी प्रभारी के बीच की वार्ता को सुनने वाले लोग हालांकि यह भी कह रहे हैं कि उन्‍हें अपने पद की गरिमा का ध्‍यान रखते हुए चौकी इंचार्ज से पूछताछ करने के बजाय किसी उच्‍च पुलिस अधिकारी के संज्ञान में बात लानी चाहिए थी, परंतु इसका मतलब यह भी नहीं कि चौकी इंचार्ज पूरा परिचय जान लेने के बाद भी सत्ताधारी दल के एक जिम्‍मेदार पदाधिकारी को ही तमीज सीखने की नसीहत देने लगें।
महानगर अध्‍यक्ष होने के नाते पीड़ित पक्ष की बात सुनकर उसका निराकरण कराना सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों का कर्तव्‍य बनता है अन्‍यथा सरकार व पार्टी को लेकर जनता के बीच संदेश अच्‍छा नहीं जाता।
-Legend News

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