तेलंगाना विधानसभा भंग, Chandrasekhar Rao नई सरकार बनने तक रहेंगे कार्यवाहक मुख्यमंत्री

हैदराबाद। Chandrasekhar Rao के तेलंगाना मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी है। इसके लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री Chandrasekhar Rao विधानसभा भंग करने पर मंत्रिमंडल के फैसले से अवगत कराने के लिए राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से गुरुवार दोपहर को मुलाकात करने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने उनसे कार्यवाहक सीएम बने रहने को कहा है, राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।

दरअसल तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा था। समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने के लिए सदन को भंग करने की तरफ बढ़ने के संकेतों के बीच पांच दिनों में दूसरी बार गुरूवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी।

सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक राज्यपाल से मुलाकात के तुरंत बाद ही सीएम चंद्रशेखर राव सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सूत्रों ने बुधवार को दावा किया था कि सरकार ने विधानसभा भंग करने को लेकर मन बना लिया है जिसका कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है।

6 सितंबर को ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश क्यों?
बता दें कि विधानसभा भंग किए जाने को लेकर 6 सितंबर का दिन चुने जाने का कारण बेहद ही अहम है। पार्टी के सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री राव 6 नंबर को काफी लकी मानते हैं। राव का मानना है कि यह तारीख उनके के लिए कई मायनों में खास और फलदायक साबित हो सकती है।

पहले लोकसभा के साथ होने थे विधानसभा चुनाव
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही निर्धारित हैं लेकिन मुख्यमंत्री को लगता है कि दोनों चुनाव अलग-अलग समय पर होने से उनकी पार्टी को फायदा मिलेगा। मई, 2014 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में टीआरएस ने 119 सीटों में से 63 जीती थीं।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »