अदालत के फैसले को चुनौती देना महंगा पड़ा, सेशन कोर्ट ने सजा को दोगुना किया

मुंबई। मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने अपने दोस्त से फिरौती वसूलने वाले 26 साल के एक युवक की सजा को दोगुना कर दिया है। कोर्ट ने दोस्त से 25 लाख की उगाही करने वाले युवक की सजा को 18 महीने से बढ़ाकर तीन साल तक कर दिया है। आरोपी ने अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।
नदीम मोरे पर आरोप लगा कि उसने अपने दोस्त से 13 महीनों में कुल 25 लाख रुपए की फिरौती वसूल ली। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी पाए जाने के बाद नदीम को 18 महीने जेल की सजा सुनाई। आरोपी ने अपने बचाव में कहा कि वह दोस्त के साथ समलैंगिक संबंध में था और दोस्त ने अपनी मर्जी से पैसे दिए थे।
पिता और भाई को मारने की धमकी दी
कोर्ट ने कहा, ‘पीड़ित के अकाउंट से पैसे निकालने और आरोपी के अकाउंट में ट्रांसफर होने के ट्रेंड को देखते हुए यही बात पुख्ता हो रही है कि लाखों रुपए डरा-धमकाकर ही ट्रांसफर कराए गए हैं। ऐसी कोई भी वजह नजर नहीं आती, जिससे ऐसा लगे कि पीड़ित के पास आरोपी को पैसे देने की कोई पुख्ता वजह रही होगी। दोनों ने दसवीं क्लास में साथ में ट्यूशन पढ़ा, जहां दोनों में दोस्ती हुई।
अपने पिता के साथ मेडिकल स्टोर की दुकान चलाने वाले पीड़ित ने कहा, ‘फरवरी 2015 में मोरे ने मुझसे यह कहते हुए 5 हजार रुपए मांगे कि उसके पिता बीमार हैं। इसके बाद और पैसे मांगने पर मैंने देने से इंकार कर दिया, तो उसने मेरे पिता और भाई को मारने की धमकी दी। वह मुझे जबर्दस्ती चाकू की नोंक पर बैंक ले जाता और पैसे निकलवाता था। मेरे कई बैंकों में अकाउंट थे, जिसमें मेरे पैरंट्स ने 25 लाख डिपॉजिट कराए थे।’
2 करोड़ की मांग की
जून 2016 में जब मोरे ने 2 करोड़ की मांग की तो पीड़ित ने अपने एक रिश्तेदार को सारी बात की जानकारी दी। घरवालों को बात पता चलने पर पुलिस में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। जांच के दौरान आरोपी के पास से चार लाख रुपए कैश, कार और चाकू बरामद कर लिया गया।
कोर्ट से 18 महीने की सजा मिलने पर मोरे ने सजा कठोर होने और आरोपी के साथ समलैंगिंक संबंध होने की बात कहते हुए सजा कम करने की अपील की थी। हालांकि, कोर्ट ने उसकी सजा को कम करने की बजाय दोगुना कर दिया।
-एजेंसी

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