पर्यावरण को पलीता: श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान परिसर में प्‍लास्‍टिक के बैन को चुनौती

मथुरा। निजी स्‍वार्थों की पूर्ति के लिए किसी अच्‍छे कार्य में बाधा उत्पन्‍न करने का प्रयास कैसे किया जाता है और कैसे उसके लिए नियम-कानून को धता बताते हुए किंतु-परंतु की आड़ ली जाती है, इसका ज्‍वलंत उदाहरण दो दिन पूर्व तब देखने को मिला जब श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि जैसे विश्‍वविख्‍यात स्‍थान पर प्‍लास्‍टिक का इस्‍तेमाल प्रतिबंधित किए जाने के खिलाफ वहीं के दुकानदार कानून पढ़ाने लगे।
दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में प्लास्टिक की थैली एवं डिब्बों के साथ श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित करने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने गत दिनों एक पत्र अपर जिलाधिकारी (का./व्य.) एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा को प्रेष‍ित किया था।
इस पत्र में संस्थान ने अनुरोध किया था कि शासन ने प्लास्टिक की थैली, लेमीनेटिड दोने, पत्तल तथा प्लास्टिक के डिब्बे आदि का प्रयोग पर्यावरण की दृष्टि से प्रतिबंधित किया है लिहाजा अपेक्षा की जाती है कि इस शासनादेश का पालन श्रद्धालुओं के साथ-साथ सभी दुकानदार, संस्थानकर्मी एवं सुरक्षाकर्मी समान रूप से करेंगे तो अच्‍छा रहेगा।
संस्‍थान ने इस पत्र के माध्‍यम से सभी को यह अवगत कराया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान एवं गऊ, ब्रजभूमि तथा श्रीयमुनाजी की रक्षा के मद्देजनर प्लास्टिक के प्रयोग को जन्मस्थान में पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है अत: इस निर्णय का पालन पूर्ण समर्पण एवं कड़ाई से किया जाए। संस्‍थान ने अपने सभी कर्मचारियों एवं श्रद्धालुओं से पर्यावरण की रक्षा और मंदिर की गरिमा को दृष्टिगत रखते हुऐ प्लास्टिक के बहिष्कार का अनुरोध किया।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के इस अनुरोध पर जन्‍मस्‍थान परिसर के दुकानदार पहले तो कुछ दिन चुप्‍पी साधे रहे किंतु अब विरोध कर रहे हैं।
श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान व्‍यवसायी समिति के अध्‍यक्ष नंदकिशोर गोस्‍वामी ने 04 दिसंबर को इस संदर्भ में श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान के इस पवित्र उद्देश्‍य पर आपत्ति जाहिर करते हुए संस्‍थान के सचिव को एक पत्र लिखा है।
नंदकिशोर गोस्‍वामी के अनुसार श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान द्वारा प्‍लास्‍टिक बैग आदि को प्रतिबंधित करने का मकसद दुकानदारों को परेशान करना है।
यही नहीं, नंद किशोर गोस्‍वामी ने दावा किया है कि जन्‍मस्‍थान परिसर के दुकानदार जिस तरह की प्‍लास्‍टिक सामग्री का उपयोग कर रहे हैं, वह न तो सिंगल यूज प्‍लास्‍टिक की श्रेणी में आता है और न राज्‍य एवं केंद्र सरकार से प्रतिबंधित है।
नंदकिशोर गोस्‍वामी द्वारा श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान व्‍यवसायी समिति के लेटर पैड पर लिखा गया है कि कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान का यह कृत्‍य गैरकानूनी एवं दुकानदारों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
नंदकिशोर गोस्‍वामी ने कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान के प्रयास को अदालत की अवमानना बताते हुए प्‍लास्‍टिक प्रतिबंधित करने की सूचना निरस्‍त करने और अन्‍यथा की स्‍थिति में सख्‍त कार्यवाही करने की चेतावनी तक दे डाली है।
अब ऐसे में यह सवाल उठना स्‍वाभाविक है कि आखिर श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान व्‍यवसायी समिति प्‍लास्‍टिक का इस्‍तेमाल करने पर ही क्‍यों आमादा है जबकि अब उसके तमाम विकल्‍प सामने आ चुके हैं।
गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने प्‍लास्‍टिक इस्‍तेमाल न करने का अनुरोध दुकानदारों के साथ-साथ संस्‍थान के कर्मचारियों, यहां आने वाले श्रद्धालुओं सहित सुरक्षाकर्मियों से भी किया है जिसमें पुलिस, अर्धसैन्‍य बल तथा जन्‍मस्‍थान की सुरक्षा-व्‍यवस्‍था में लगे अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं।
इसके अलावा एक अन्‍य सवाल यह भी पैदा होता है कि जब दूसरे लोगों को इस व्‍यवस्‍था पर कोई आपत्ति नहीं है तो फिर परिसर के दुकानदारों को ही आपत्ति क्‍यों है। वो भी तब जबकि हर स्‍तर से यह सिद्ध हो चुका है कि प्‍लास्‍टिक का इस्‍तेमाल न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्‍कि जीवमात्र के लिए भारी नुकसानदेह है।
बताया जाता है कि कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान परिसर की सुरक्षा पर प्रश्‍नचिन्‍ह लगाने को लेकर दुकानदारों और संस्‍थान के बीच वाद भी लंबित है और इसीलिए दुकानदार जन्‍मस्‍थान के एक ऐसे कार्य का भी विरोध कर रहे हैं जो जनहित में तो है ही, श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान जैसे पावन स्‍थान की गरिमा से भी जुड़ा है।
इस संदर्भ में व्‍यापारी नेताओं का पक्ष जानने की कोशिश भी की गई किंतु किसी से संपर्क नहीं हो सका।
-Legend News

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