लोजपा मुखिया चिराग के वर्चस्‍व को चाचा पारस की चुनौती

नई दिल्‍ली। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पांच सांसदों द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे पत्र के बाद लोजपा सांसद और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि वो पार्टी को बचाना चाहते हैं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे गए पत्र में सांसदों ने मांग की है कि पशुपति कुमार पारस को संसदीय दल का नेता माना जाए. इस समय लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ही संसदीय दल के नेता हैं.
बिहार के हाजीपुर से लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं. 5 सांसदों की इच्छा थी की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैं पार्टी तोड़ नहीं रहा हूं, पार्टी को बचा रहा हूं. चिराग पासवान से कोई शिकायत नहीं है. कोई आपत्ति नहीं है, वे पार्टी में रहें.”
एनडीए के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा, “मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई. पार्टी के 99% कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में एनडीएगठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें.”
“लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी पार्टी में सेंध डाला और 99% कार्यकर्ताओं के भावना की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया.”
इसके साथ ही पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि उनका संगठन बिहार में मज़बूत है और वो एनडीए में थे और गठबंधन के साथ रहेंगे.
ग़ौरतलब है कि बीते साल अक्तूब-नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था और पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था.
इस दौरान चिराग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ख़ूब आलोचना कर रहे थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार तारीफ़ कर रहे थे.
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मिलने दिल्ली में उनके घर पहुंचे हैं.
-एजेंसियां

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