आगरा के मेयर व Katheria के खिलाफ सांसद व कैबिनेट मंत्री ने खोला मोर्चा

सांसद चौ. बाबूलाल व कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल ने मेयर व Katheria अनदेखी के बड़े आरोप लगाए 

आगरा। आगरा के मेयर नवीन जैन व सांसद डा. रामशंकर Katheria के खिलाफ चौधरी बाबूलाल व कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल ने अनदेखी के बड़े आरोप लगाए हैं।

प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने आगरा के सांसद रामशंकर Katheria के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में और फिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम में उनकी अनदेखी की गई।

चौधरी बाबूलाल का आरोप है कि विभिन्न विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर उनका नाम नहीं लिखा गया। नितिन गडकरी के कार्यक्रम में Katheria ने मंच से उनका नाम भी नहीं लिया जबकि वह वहीं पर मौजूद थे। बाबूलाल का यह भी आरोप है कि अधिकारी कठेरिया के इशारे पर उनकी अनदेखी कर रहे हैं।

एसपी सिंह बघेल का कहना है कि जानबूझकर सार्वजनिक मंचों से उनका अपमान किया जा रहा है। कोठी मीना बाजार में 9 जनवरी को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में उनके प्रोटोकाल की अवहेलना की गई।

मंच पर स्थान न मिलने से नाराज़ हैं दोनों
प्रदेश के अन्य मंत्री प्रधानमंत्री के मंच पर थे और उन्हें मुख्य मंच के पास बने छोटे मंच पर बिठाया गया, जहां भाजपा के मंडल स्तर के पदाधिकारी बैठे थे। मंच के पीछे प्रधानमंत्री का स्वागत करने वालों में भी उन्हें स्थान नहीं दिया गया। इस घटना से समर्थक, अनुयायी बेहद नाराज हुए थे। उन्होंने किसी तरह उन्हें शांत किया।

अब बुधवार को तारघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर बैठे अतिथियों को सूची में एसपी सिंह बघेल का नाम तीसरे नंबर पर और सांसद चौधरी बाबूलाल का नाम चौथे नंबर पर था लेकिन सांसद रामशंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन ने दोनों का नाम ही नहीं लिया। जबकि वहां बैठे सभी विधायकों का नाम पुकारा गया। एक विधायक चौधरी उदयभान सिंह मौजूद नहीं थे लेकिन उनका भी नाम लिया गया।

बाबूलाल और जगन पहले खोल चुके हैं मोर्चा
सिविल एन्क्लेव की बाउंड्रीवाल के शिलान्यास  व विकास कार्यों का श्रेय लेने के मामले में फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल, विधायक जगन प्रसाद गर्ग, रामशंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन  के खिलाफ पहले भी मोर्चा खोल चुके हैं जिससे भाजपा में बवंडर खड़ा हो गया था।  इस मामले को शांत करने के लिए पार्टी नेतृत्व को मैदान में कूदना पड़ा था। बाबूलाल ने नौकरशाही को आड़े हाथ लिया था। 2018 में तत्कालीन डीएम गौरव दयाल, एसडीएम सदर और एसडीएम किरावली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने गौरव दयाल पर तो भाजपा नेताओं को लड़ाने और पार्टी में दरार डालने का आरोप भी लगाया था।

सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने दी सफाई

हालांकि आगरा से लोकसभा सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने सफाई देते हुए बताया कि गडकरी की सभा में उनका नाम न लेना भूलवश हुआ है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैं इसके लिए क्षमा मांगता हूं। प्रधानमंत्री की सभा में जो कुछ हुआ है, वह मेरे हाथ में नहीं था। वहां तो सब कुछ ऊपर से तय हुआ था।

-एजेंसी

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