चाय पीने से बढ़ता है Cervical पेन

गर्दन में होने वाले दर्द को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं, लेकिन कई बार यह दर्द बेहद खतरनाक साबित हो सकता है जिसे Cervical पेन कहते हैं। गर्दन में दर्द किसी भी उम्र में महिला, पुरुष या बच्चों को हो सकता है। आज की जीवनशैली में ऑफिस से लेकर घर तक, ज्यादातर लोग दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हैं। ये छोटी सी आदत कई बार गंभीर रोगों को बुलावा दे सकती है। इसके लिए डॉक्टरी सलाह तो जरूरी ही है साथ ही घरेलू नुस्खों से भी इस दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
गर्दन का दर्द जो सर्वाइकल को प्रभावित करता है, वह Cervical स्पॉन्डिलॉलसिस कहलाता है। यह गर्दन के निचले हिस्से, दोनों कंधों, कॉलर बोन तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से गर्दन घुमाने में परेशानी होती है और कमजोर मासपेशियों के कारण, हाथों को उठाना भी मुश्किल हो जाता है।
– सिर के पीछे दर्द का होना।
– गर्दन घुमाने पर पिसने की आवाज़ आना।
– चक्कर आना।
– कंधों में जकड़न।
– हाथ सुन्न होना।
– गर्दन में सूजन
– बुखार, थकान आना
-भूख न लगना
– बैठते समय गर्दन को सीधा रखें।
– गाड़ी चलाते समय पीठ को सीधा रखें।
– गद्दे की बजाय तख्त पर सोएं।
– नर्म व कम ऊंचाई वाले तकिये का प्रयोग करें।
– विटमिन डी और कैल्शियम से भरपूर भोजन करें।
– धूम्रपान न करें।
– चाय और कैफीन का सेवन न करें। इससे भी बढ़ता है Cervical का दर्द
– गर्दन झुकाकर न बैठें।
– लेटकर टीवी न देखें।
– लगातार कंप्यूटर पर न बैठें। -एजेंसी