CEOs पोल: मोदी सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड, सफलता और विफलता

नई दिल्ली। मोदी सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड कैसा है और नई सरकार से क्या उम्मीदें हैं?
ईटी मैगजीन ने अपने रीडर्स और भारतीय कंपनियों के CEOs से मोदी सरकार के कामकाज को लेकर कुछ सवाल पूछे क्‍योंकि चुनाव आ गए हैं। यह बीते हुए कल और आने वाले समय की ओर देखने का सही समय है।
पोल के लिए ईटी मैगजीन ने 130 CEOs से संपर्क किया, जिनमें से 95 ने प्रतिक्रिया दी। CEOs अलग-अलग सेक्टर, स्टार्टप और निवेशक (33%), सर्विसेज (21%) से हैं। रीडर्स पोल ऑनलाइन किया गया था। 60 फीसदी CEOs और 73 फीसदी रीडर्स ने मोदी सरकार के 5 साल के कामकाज को अच्छा बताया है जबकि क्रमश: 36 और 13 फीसदी ने इसे औसत बताया है।
सफलता और विफलता
इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और ब्रैंड इंडिया की मजबूती को सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा गया है तो 35 फीसदी CEOs और 41 फीसदी रीडर्स ने बेरोजगारी सबसे बड़ी असफलता बताया है।
दूसरी सबसे बड़ी असफलता के सवाल पर 26% CEOs ने कहा कि सांप्रदायिकता बढ़ रही है जबकि 38% रीडर्स ने कृषि बदहाली को दूसरे नंबर पर रखा है।
टॉप मिनिस्टर्स
CEOs से मोदी के मंत्रियों के प्रदर्शन को रेट करने को कहा गया। इस मामले में रोड, ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी अव्वल रहे तो उनके बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल का नंबर आता है। दिलचस्प है कि अहम मंत्रालय संभालने वाले अरुण जेटली और राजनाथ सिंह टॉप 5 में नहीं हैं।
मिलेगा बहुमत?
अधिकतर CEOs (71%) और रीडर्स ( 78%) मानते हैं कि मोदी सरकार फिर सत्ता में आ रही है। 41 फीसदी CEOs को उम्मीद है कि NDA को बहुमत मिलेगा तो 36 फीसदी ने कहा कि यह सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरेगा।
नई सरकार क्या करे?
इस सवाल के जवाब अधिकतर ने कहा कि रोजगार, आर्थिक विकास और कृषि क्षेत्र के लिए नई सरकार काम करे।
-एजेंसियां

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