प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सरकार तय करेगी फीस

Central government will fix fees on private schools' arbitrariness
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर केंद्र सरकार तय करेगी फीस

नई दिल्‍ली। देश भर के प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस को लेकर सरकार बड़ी कार्रवाई कर सकती है. अब गुजरात की तर्ज पर अब पूरे देश में स्कूल फीस का नियम लागू हो सकता है. इसके तहत सरकार स्कूलों को ऊपरी फीस का निर्धारण कर सकती है.

सीएनबीसी-आवाज की खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने गुजरात से इस बारे में ड्राफ्ट मांगा है. इसमें स्कूलों में फीस की ऊपरी सीमा तय की जाएगी.

खबर है कि केंद्र सरकार देशभर में फीस नियमन कानून लागू कर सकती है.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने गुजरात सरकार से फीस नियमन कानून का ड्राफ्ट मांगा है. उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने भी समीक्षा के लिए गुजरात से स्कूल फीस नियमन बिल की कॉपी मांगी है.

गुजरात सरकार ने हाल ही में स्कूल फीस के लिए नए नियम जारी किए हैं. राज्य सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस की ऊपरी सीमा तय की है. इसके तहत प्राइमरी क्लासेज के लिए 15,000 रुपए, मिडिल स्कूल के लिए 25,000 रुपए और हाइयर-सेकेंडरी क्लासेज के लिए 27,000 रुपए से ज्यादा की सालाना फीस नहीं वसूली जा सकती है.

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर योगी सरकार सख्त, लखनऊ के दो स्कूलों पर छापा

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर योगी सरकार के सख्त रुख के बाद अब शि‍क्षा विभाग हरकत में आता दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है.

इसी क्रम में दो स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. छापेमारी की कार्रवाई में इन दोनों ही स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेशंस की किताबें बरामद हुईं.

कॉपी-किताब व स्टेशनरी बेचने के आरोप में एग्जॉन मांटेसरी स्कूल के खिलाफ पिछले हफ्ते ही एफआईआर दर्ज हो गई थी. उसके बाद भी स्कूल में मनमानी जारी रहने की शिकायत शिक्षा विभाग को हुईं.
इसके बाद डीआईओएस खुद एग्जॉन मांटेसरी इंटर कॉलेज पहुंचे. यहां प्रिंसिपल आॅफिस के बगल में बंद कमरे में निजी प्रकाशन की काफी तादाद में कॉपी किताब बरामद हुईं. एडीआईओएस विमलेश कुमार ने किताबों के नमूने लिए.

इसके बाद टीम तुलसीदास मार्ग स्थिति एग्जॉन मांटेसरी इंटर कॉलेज की यूपी बोर्ड शाखा पहुंची. यहां डीआईओएस ने प्रिंसिपल से फीस स्ट्रक्चर और शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर व सैलरी रजिस्टर मांगा. प्रिंसिपल की ओर से टालमटोल करने पर उन्हें शिक्षा भवन तलब कर लिया.
इसके बाद राजकुमार एकेडमी पर छापेमारी की गई. जहां अभिभावकों ने बताया कि स्कूल के पास स्थित दुकान विशाल एजेंसी से कॉपी किताब खरीदने को मजबूर किया जाता है. छापेमारी के दौरान कई किताबें बरामद हुईं. इसके बाद अधिकारियों ने राजकुमार एकेडमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए.

जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी के अनुसार मनमानी फीस वसूल करने वाले स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों से शिक्षकों के वेतन अैर विद्यालय के मेंटनेस को जोड़कर ही फीस लेने के निर्देश दिए हैं.

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