केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 2.50 रुपये घटाईं

नई दिल्ली। तेल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2.50 रुपये कटौती की घोषणा की है। जेटली ने कहा, ‘आज अंतरमंत्रालयी बैठक में हमने तय किया कि एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपये घटाई जाएगी। इसके अलावा ऑइल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) एक रुपया घटाएंगी। केंद्र सरकार की तरफ से हम 2.5 रुपये प्रति लीटर तुरंत उपभोक्ताओं को राहत देंगे।’ वित्त मंत्री ने राज्यों से भी इतनी ही कटौती करने की गुजारिश की है ताकि ग्राहकों को 5 रुपये की राहत मिले। वित्त मंत्री ने कहा कि कटौती से एक्साइज रेवेन्यू में इस साल 10,500 करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ेगा।
जेटली ने कहा कि अमेरिका ने इंट्रेस्ट रेट बढ़ाया है, जिसका बाजार पर असर पड़ा है। बाजार और करंसी बाजार में उतार-चढ़ाव है। कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। हमने आईएलऐंडएफएस के बोर्ड का बदल दिया है। हमने आयात पर अंकुश के लिए भी कई कदम उठाए हैं। महंगाई नियंत्रण में है और 4 प्रतिशत से कम पर बनी हुई है। पिछली तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
इससे पहले वित्त मंत्री जेटली ने तेल सचिव से मुलाकात भी की। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से चिंतित सरकार इसके अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को रोकने के विकल्पों पर विचार कर है। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बुधवार शाम को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात कर चुके हैं।
सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 15 पैसे और 20 पैसे प्रति लीटर बढ़ाये गए हैं। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल अब 84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 75.45 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह दोनों का सर्वकालिक उच्च स्तर है। ईंधन के बढ़ते दाम से किसानों की पहले से बदहाल स्थिति और खराब होने की आशंका है।
विशेषकर रबी फसलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। डीजल अभी रिकॉर्ड उच्च कीमत पर बेचा जा रहा है। यह कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंपसेट तक डीजल से ही चलते हैं। अत: डीजल के महंगा होने से किसानों पर इसका असर पड़ना अवश्यंभावी है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों मंत्रियों ने कच्चा तेल की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय कीमतों तथा रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरते जाने के प्रभावों को दूर करने पर चर्चा की। साथ ही सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भी पहली बार 500 रुपये प्रति सिलिंडर को पार कर गया है।
-एजेंसी

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