जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख में खूब देखने को मिला जश्न-ए-आजादी का उल्लास

नई दिल्‍ली। जश्न-ए-आजादी का उल्लास जम्मू-कश्मीर और नए केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख में भी खूब देखने को मिला। आर्टिकल 370 के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस मना रहे दोनों केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) पर देशभर के लोगों की निगाहें थीं। इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों से हर्षोउल्लास के बीच जश्न-ए-आजादी की जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें सुकून की लकीरें साफ दिख रही थीं। एक तरफ जहां कश्मीर में भारतीय झंडा हाथ में लिए लोग एक-दूसरे को इस मौके पर बधाई देते दिखे वहीं लद्दाख के लेह में सेना के जवानों की मौजूदगी में यहां के युवाओं ने कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में तो गवर्नर सत्यपाल मलिक के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम में शिरकत करते दिखे।
इस खास मौके पर लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण में आर्टिकल 370 की गूंज साफ सुनाई दी। यह ऐतिहासिक लम्हा था और सबकी नजर जम्मू-कश्मीर पर भी थी। यह इसलिए भी सभी देखना चाहते थे कि आखिर इस अहम बदलाव के बाद घाटी में इस बार आजादी का जश्न कैसा दिखेगा।
गवर्नर सत्यपाल मलिक श्रीनगर के शेर-ए-स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देने पहुंचे तो उन्हें सुनने के लिए लोगों की अच्छी-खासी तादाद पहुंची। सबके चेहरे पर आजादी के जश्न और सुकून की लकीरें साफ दिख रही थीं। इस मौके पर मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो बदलाव किए हैं, वे केवल ऐतिहासिक ही नहीं हैं, इससे जम्मू-कश्मीर में विकास का नया रास्ता खुलेगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं प्रदेश के लोगों का यकीन दिलाता हूं कि उनकी पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। भारत का संविधान हमेशा से क्षेत्रीय पहचान को पनपने का मौका देता रहा है।’ उधर, कुपवाड़ा जिले से में भी छात्र- छात्राओं ने आजादी का जश्न मनाया। इस दौरान वे कई तरह के सांस्कृति कार्यक्रम करते दिखे।
उधर, लद्दाख के लेह में तो जश्न-ए-आजादी का जुदा अंदाज ही देखने को मिला। यहां के युवाओं ने अनुशासन का नमूना पेश करते हुए तिरंगे को सलामी दी। इस मौके का गवाह बनने के लिए हजारों लोग वहां दिखे, जिन्होंने इस जश्न में शिरकत की।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *