जयंती नटराजन के घर पर CBI का छापा

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के घर CBI ने छापेमारी की है. सीबीआई ने प्राइवेट कंपनी को जमीन देने के मामले में यह कार्रवाई की है.

 

 

 

जयंती नटराजन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सिंहभूमि जिले में प्राइवेट कंपनी को जमीन आवंटित किया था. CBI ने जयंती नटराजन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया है।

 

CBI ने नटराजन के चेन्नई समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापा मारा है.

जयंती नटराजन 2015 में कांग्रेस पार्टी छोड़ चुकी हैं.

यूपीए सरकार में मंत्री रही पूर्व कांग्रेस नेता जयंती नटराटन के घर पर शनिवार को सीबीआई ने छापेमारी की. ये छापेमारी चेन्नई में जयंती के घर पर हुई. सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 120 बी के तहत केस दर्ज किया है. जयंती पर सत्ता के दुरुपयोग और आपराधिक षड़यंत्र का आरोप है.

मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो जयंती पर यह छापा केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान झारखंड में पर्यावरण मंजूरी देने से संबंधित हैं. सिंहभूम जिले में जमीन देने के मामले में सीबीआई ने जयंती के आवास पर दबिश दी है. जयंती पर 200 हेक्टेयर जमीन देने के मामले में नियमों को ताक पर रखने का आरोप है.

यूपीए सरकार के दौरान पर्यावरण मंत्री रही जयंती नटराजन ने जनवरी 2015 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. अपने इस्तीफे के बाद उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए थे.

अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ के मुताबिक, नटराजन ने सोनिया गांधी को एक ख़त लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा है कि पर्यावरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी न देने के लिए उन पर राहुल गांधी की ओर से दबाव था. उन्होंने लिखा कि उनके इस्तीफ़ा देने के बाद राहुल गांधी के दफ़्तर की ओर से उनके खिलाफ मीडिया में प्रचार किया गया. इस चिट्ठी में जयंती नटराजन ने यह भी संकेत दिए हैं कि चुनाव से 100 दिन पहले उन्हें हटाया गया था, जबकि कांग्रेस ने उस वक्त ये दावा किया था कि उन्हें पार्टी के लिए काम करने के लिए संगठन में भेजा जा रहा है.

गौरतलब है कि जयंती नटराजन पर 35 ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी नहीं देने का आरोप है, जो हजार से पांच हजार करोड़ तक के हैं. उल्लेखनीय है कि जयंती नटराजन को राजीव गांधी कांग्रेस में लेकर आए थे, लेकिन नरसिम्हा राव के समय में जयंती पार्टी छोड़कर जीके मूपनार के नेतृत्व में बनी तमिल मनिला कांग्रेस में शामिल हुई थीं, फिर वापस सोनिया गांधी उन्हें पार्टी में लेकर आई थीं.

CBI ने नटराजन के चेन्नई समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापा मारा है.
-एजेंसी