आरएस फाउंडेशन के ऑफ‍िस पर CBI का छापा, अध्यक्ष व मैनेजर ग‍िरफ्तार

ल जीवन मिशन, जल शक्ति अभियान के नाम पर ठगी करने वाले आरएस फाउंडेशन का CBI ने क‍िया भंडाफोड़

नई द‍िल्ली/ लखनऊ। CBI ने आज जल जीवन मिशन के नाम पर लोगों को ठगने वाले आरएस फाउंडेशन के नई दिल्ली व लखनऊ स्थित कार्यालय और अध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा के लखनऊ स्थित आवास पर छापा मारा। CBI को छापे में फर्जी तरीके से किए गए 115 एमओयू/एग्रीमेंट, खाली और भरे हुए बैंक चेक समेत अन्य कागजात बरामद किए। इसके साथ ही फाउंडेशन के संस्थापक सुरेश कुमार वर्मा और मैनेजर सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर ल‍िया गया है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान के नाम पर ठगी करने वाले आरएस फाउंडेशन का भंडाफोड़ किया है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार आरएस फाउंडेशन के सुरेश कुमार वर्मा ने ठेके दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी कर भी ली है। राजस्थान और हरियाणा में उसने लोगों से सोलर वाटर प्लांट लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपए लिए थे। फाउंडेशन ने विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपए की सिक्योरिटी मनी भी वसूल की है।

सभी राज्‍यों को लिखा पत्र
सीबीआई के बड़े खुलासे के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राज्यों को आगाह किया है कि वो तथ्यों की आधिकारिक जांच करें। ऐसे सभी विषयों को तुरंत मंत्रालय के संज्ञान में लाएं ताकि जल जीवन मिशन या जल शक्ति अभियान के नाम पर लोगों को ठगी से बचाया जा सके।

ये है पूरा मामला
मार्च 2020 में शेखावत को राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों से जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान से संबंधित कार्यों के ठेके दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने अपने अधिकारियों को बोलकर सीबीआई में इस बाबत शिकायत दर्ज कराई। जांच में सीबीआई ने पाया कि दिल्ली स्थित आरएस फाउंडेशन, जो वाटर टैंक, सोलर वाटर पंप, बोरिंग और वाटर कनेक्शन दिलाने वाले एनजीओ के रूप में रजिस्टर्ड है, लोगों से जल जीवन मिशन के तहत ठेके दिलवाने के नाम पर एमओयू/एग्रीमेंट करा रहा है। फाउंडेशन कांट्रैक्टर्स को उसके और जलशक्ति मंत्रालय के बीच पत्राचार के साथ समझौते के फर्जी कागजात दिखाता था, जिससे उन्हें विश्वास हो जाए कि वाकई फाउंडेशन और जलशक्ति मंत्रालय के बीच कोई समझौता हुआ है. जबकि मंत्रालय की तरफ से सीबीआई को बताया गया कि इस तरह का कोई समझौता हुआ ही नहीं है।
– एजेंसी

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