यादव सिंह के खिलाफ CBI ने दाखिल कींं 3 अलग-अलग चार्जशीट

नई द‍िल्ली। नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के खिलाफ CBI ने तीन अलग-अलग चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। CBI ने यादव सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ 3 अलग-अलग चार्जशीट कोर्ट में पेश कर बताया है कि यादव सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक इंजीनियरिंग कंपनी को इलेक्ट्रिकल वर्क के करोड़ों रुपए के अवैध तरीके से टेंडर दिए थे। हालांकि, अभी तक कोर्ट ने पेश चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया है। यह तीनों मुकदमें कोर्ट में विचाराधीन है।

सीबीआई ने 30 जुलाई को 2015 को 1000 करोड़ रुपए के टेंडर घोटाले में यादव सिंह समेत 11 लोग और 3 कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद 3 फरवरी 2016 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के बाद यादव सिंह, उसके बेटे सनी यादव और पत्नी कुसुमलता, पुत्रवधू श्रेष्ठा सिंह और दोनों बेटियों के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे दर्ज किए गए। केबल घोटाले का भी यादव सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी।

इस चार्जशीट में आरोप है कि यादव सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक इंजीनियर कंपनी को इलेक्ट्रिकल वर्क के करोड़ों रुपये के अवैध रूप से टेंडर दिए थे।

यादव सिंह समेत 11 अफसरों के खिलाफ चार्जशीट: सीबीआई ने 50 लाख से अधिक का नुकसान पहुंचाने में नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन चीफ इंजीनियर यादव सिंह के साथ नोएडा अथॉरिटी के 11 अफसरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की हैं।
दूसरी चार्जशीट: 33 केवी लाइन बिछाने में हुई 54 लाख 28 हजार की गड़बड़ी में सीबीआई की चार्जशीट सीबीआई ने दूसरी चार्जशीट में भी यादव सिंह के साथ नोएडा अथॉरिटी के 10 अफसरों और निजी कंपनी के खिलाफ लगाई चार्जशीट दाखिल की हैं।
चार्जशीट-3 में यादव सिंह समेत 11 लोगों को आरोपित बनाया गया है। सीबीआई ने बताया कि यादव सिंह के इशारे पर वर्ष 2007 से लेकर 12 तक जावेद अहमद की गुल इंजीनियरिंग कंपनी को इलेक्ट्रिकल वर्क के करोड़ों रुपए के टेंडर गलत तरीके से छोड़े गए थे। इसमें जावेद अहमद और यादव सिंह समेत शामिल लोगों ने घोटाला किया था। वर्ष 2014 में भी यादव सिंह के इशारे पर जावेद अहमद की गुल इंजीनियरिंग कंपनी को करोड़ों के टेंडर दिए गए थे।

चार्जशीट में कई लोगों के हैं नाम

सीबीआई के मुताबिक तीनों चार्जशीट में यादव सिंह और उसका सहयोग करने वाले लोगों को आरोपित बनाया गया है। चार्जशीट में यादव सिंह, जावेद अहमद और उसकी गुल इंजीनियरिंग कंपनी समेत 13 इंजीनियरों को आरोपित बनाया गया है। चार्जशीट 2 में यादव सिंह समेत 12 लोगों के नाम हैं।

29 निजी फर्मों को पहुंचाया था लाभ

यादव सिंह 2007 से 2012 तक नोएडा अथॉरिटी में चीफ इंजीनियर के पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने 29 निजी फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से करोड़ो रुपए के टेंडर पास किए। इन 29 फर्मों में कुछ उनके करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम भी रहे। इस मामले में यादव सिंह समेत 11 लोगों को और 3 कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इसके बाद ईडी ने भी यादव सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद 17 जनवरी 2018 को सीबीआई ने जांच करते हुए मुकदमा दर्ज किया था।

– एजेंसी

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