कर्नाटक चुनाव के कारण टला कावेरी के पानी का विवाद

नई दिल्ली। कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद का निपटारा भी अब कर्नाटक चुनाव के कारण टल गया है। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि ड्राफ्ट कैबिनेट के सामने पेश किया गया है लेकिन प्रधानमंत्री के कर्नाटक चुनाव में व्यस्त होने के कारण वह अभी तक इसे देख नहीं पाए हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस जवाब पर केंद्र को फटकार लगाते हुए पानी छोड़ने का आदेश दिया।
केंद्र सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपे जवाब में कहा, ‘कावेरी नदी के जल बंटवारे से संबंधित ड्राफ्ट यूनियन कैबिनेट के समक्ष रखा जा चुका है। प्रधानमंत्री फिलहाल कर्नाटक चुनाव में व्यस्त हैं, इस कारण अभी तक ड्राफ्ट को मंजूरी नहीं मिल सकी है।’ बता दें कि पीएम पिछले कुछ दिनों से लगातार कर्नाटक में एक के बाद एक कई रैलियां कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के जवाब पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘कर्नाटक चुनाव से हमारा कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह हमारी चिंता है। कर्नाटक सरकार को तत्काल तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना होगा।’ कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख भी तय की।
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकरा को 4 टीएमसी पानी तत्काल तमिलनाडु को छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही केंद्र सरकार को भी आदेश दिया कि इस मामले में जल्द ऐफिडेविट दायर करे। मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 8 मई की रखी गई है।
बता दें कि इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लिए एक मैनेजमेंट बोर्ड के गठन का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नदी के पानी पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद ट्राइब्यूनल (CWDT) के फैसले के मुताबिक तमिलनाडु को जो पानी मिलना था, उसमें कटौती की और बेंगलुरु की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में 14.75 टीएमसी फीट का इजाफा किया।
-एजेंसी

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