सैफुल्लाह के परिजनों को भड़काने वाले मौलाना पर केस दर्ज होगा

Case will be registered against Maulana provokes the family of Saifullah
सैफुल्लाह के परिजनों को भड़काने वाले मौलाना पर केस दर्ज होगा

कानपुर। लखनऊ में कथित संदिग्ध सैफुल्लाह के एनकाउंटर पर माहौल गर्म होने लगा है। राष्ट्रीय उलमा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी ने सैफुल्लाह के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे बंधक बनाया था।
आमिर रशादी ने कहा, ‘बाटला हाउस की तर्ज पर यह फर्जी एनकाउंटर है। यह सरकारी आतंकवाद है। जंगले के आसपास पुलिस वाले घूम रहे हैं। कहा जा रहा है कि क्रॉस फायरिंग हो रही है, आखिर क्रॉस फायरिंग हो रही थी तो पुलिस वाले घूम कैसे रहे थे।’
यही नहीं, रशादी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को आतंकी संगठन का होम मिनिस्टर करार दे दिया।
उन्होंने कहा, ‘इससे साफ है कि पुलिस वालों ने उसे रात में बंधक बना रखा था और अंदर से खुद वह गोलियां चल रहे थे। उसे इस तरह से मारा गया जैसे बकरे को जिबह किया जाता है। दीवार पर लगे खून से यह पता चलता है।’ रसादी के आपत्तिजनक बयान के खिलाफ यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) ने रशादी के खिलाफ सैफुल्लाह के परिजनों को भड़काने का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
मध्य प्रदेश ट्रेन ब्लास्ट में पकड़े गए संदिग्धों के परिवारों से मिलने आए रशादी ने कहा, ‘एनकाउंटर फर्जी है। आरएसएस के एजेंडे पर चुनावों में पोलराइजेशन के लिए यह किया गया है। इसी तरह मुलायम सिंह यादव की सरकार में रामलला के नाम पर 5 बेगुनाह मुस्लिमों को शहीद किया गया था। अच्छे मुसलमान दबाए गए। हमारे बच्चे 15-20 साल बाद अदालतों से छूटते हैं। अखिलेश यादव और बाकी सरकारें इस देश में हिंदू-मुस्लिमों के बीच दूरी बढ़ा रहे हैं। अलर्ट पर रखकर लोगों को फंसाया जा रहा है। दाल-रोटी की कोई बात नहीं कर रहा है। सरकारें घर से भागे लड़कों को अपने पास रखती हैं और मौका देख इन्हें आतंकी बताकर फंसा दिया जाता है।’
अधिकारियों के नार्को टेस्ट की मांग की
उन्होंने यूपी एटीएस को ऐंटी मुस्लिम स्क्वॉड बताया और कहा कि पूरे एपिसोड से डीजीपी लापता हैं। पहले कहा कि इसमें आईएस का हाथ है और बाद में मना किया। झूठ एडीजी बोल रहे हैं या नीचे के लोग बोल रहे हैं। एटीएस के लोग पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके हैं। इन लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। रशादी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट जाकर मांग होगी कि ऐसे अधिकारियों का नार्को टेस्ट हो, वरना हिंदू-मुसलमान को लड़ाएंगे। मुल्क में अराजकता फैलेगी और मुल्क टूट जाएगा। मैं खाल के साथ वर्दी उतरवाऊंगा। मामले में लड़कों के घर वालों को तैयार कर रहा हूं। सैफुल्लाह की उसके परिवार से बात ही नहीं कराई गई। पहले कहा गया कि उसके पास 3 पासपोर्ट मिले। बाद में 2 पासपोर्ट की बात कही गई।’
‘क्या मरने वाले के हाथ में पिस्टल होती है?’
रशादी ने सैफुल्लाह के पिता सरताज को लेकर कहा कि उन्होंने मुझे बताया कि वह गुस्सा होकर घर से गया था। एक दिन पहले उसने वीजा लगने की बात बताई थी। गुजरात के अक्षरधाम एनकाउंटर समेत कई मामलों में मारे गए लोगों के पास आईकार्ड और पिस्टलें सजाई गई थीं। क्या मरने वाले के हाथ में पिस्टल होती है?
-एजेंसी

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