एनिमेशन स्टूडियो में आगजनी का मामला, शक के आधार पर ले ली 33 लोगों की जान

क्‍योटो। क्योटो शहर के स्टूडियो में आगजनी को अंजाम देने के आरोपी ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को शक था कि उसके नॉवेल की चोरी एनिमेशन स्टूडियो ने की है और इसलिए उसने ऐसा किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी जेल जा चुका है और उसका मानसिक उपचार भी चल रहा था।
जापान के क्योटो शहर के एनिमेशन स्टूडियो में आगजनी में 33 लोग मारे गए। जापान में इसे पिछले 2 दशक का सबसे बड़ा जनसंहार बताया जा रहा है। घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी पर हत्या और लूटपाट का केस दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी का कहना है कि उसे आशंका थी कि उसका नॉवेल चोरी हो गया है और इसलिए उसने इस आगजनी को अंजाम दिया।
पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार आरोपी की पहचान 41 साल के शिंजी ओबा के तौर पर हुई है। ओबा पहले भी जुर्म की सजा काट चुका है। आगजनी के आरोपी को 2012 में तोक्यो में चोरी के आरोप में जेल में रह चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसे सरकारी सहायता मिल रही थी जो पूर्व कैदियों को मिलती है। ओबा को मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपचार दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार गुरुवार की सुबह 41 वर्षीय शख्स ने 3 मंजिला क्योटो एनिमेशन कंपनी के स्टूडियो में घुसा था और वहां ज्वलनशील पदार्थ का छिड़काव किया, ऐसा इस व्यक्ति ने आग लगाने से पहले किया। व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया और उसे जली हुई हालत में अस्पताल ले जाया गया। ज्यादातर लोगों की मौत कॉर्बन डाइ ऑक्साइड की अधिकता की वजह से हुई।
ओबा स्टूडियो में एक ट्रॉली और पेट्रोल की बाल्टी लेकर दाखिल हुआ था। स्थानीय मीडिया के अनुसार घटना को अंजाम देने से पहले उसने मर जाओ भी चिल्लाकर बोला था। पुलिस की पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। ओबा ने पुलिस से कहा, ‘मैंने ही आगजनी को अंजाम दिया।’ पुलिस का कहना है कि उसे शक था कि स्टूडियो ने उसका नॉवेल चुरा लिया। घटना में आरोपी को भी चोटें आई हैं और आग से झुलसने के कारण उसे अनस्थेसिया दिया गया जिसके कारण पुलिस उससे ज्यादा पूछताछ नहीं कर सकी है।
-एजेंसियां

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