कांग्रेस नेता निर्मल खत्री के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज

फैजाबाद। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद निवासी गौरव पांडे की आत्महत्या के मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। उनके साथ राम बल्लभा विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी को भी नामजद किया गया है। खत्री, राम बल्लभा विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं।
बताया गया कि इसी कॉलेज की प्रबंध समिति का विवाद, खत्री और गौरव के पिता अंजनी कुमार पांडे के बीच कई सालों से चल रहा है। अंजनी पांडे का आरोप है कि राम बल्लभा इंटर कॉलेज के संस्थापक उनके नाना कालिका प्रसाद मिश्र थे लेकिन पर ‘कूटनीति’ करके प्रबंध समिति पर खत्री परिवार ने कब्जा बना लिया। जिससे परेशान होकर उनके पुत्र गौरव पांडे ने दो दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। साथ ही अपने पीछे एक सूइसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने अपने पिता को सलाह दी थी कि निर्मल खत्री से केस नहीं लड़ना क्योंकि वह बहुत पावरफुल व्यक्ति हैं।
सूइसाइड नोट के आधार पर दर्ज किया गया केस
सूइसाइड नोट की इसी बात को लेकर डॉ. खत्री के खिलाफ नगर कोतवाली में आत्महत्या के लिए मजबूर करने और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। प्रभारी एसएसपी संजय कुमार के मुताबिक, ‘डॉ. खत्री और कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए तथ्य की गहराई से जांच करवाई जा रही है। अगर मामले में सत्यता मिली तो आरोपियों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।’
उधर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. खत्री का कहना है, ‘गौरव की आत्महत्या पर मुझे दुख है लेकिन जो सूइसाइड नोट उसने लिखा है, उसमे मेरे ऊपर उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का कहीं जिक्र नहीं हैं। बल्कि अपने पिता को मुकदमा न लड़ने की सलाह ही दी है। क्योंकि प्रबंधकीय विवाद में उन्हीं ने मेरे उपर केस किया है। ऐसे में उनके परिवार के उत्पीड़न का सवाल ही नहीं उठता। वह रजिस्ट्रार सोसाइटीज के यहां दो बार केस हार चुके हैं। अब हाई कोर्ट में केस किया है, वहां तत्काल राहत नहीं मिली। असली मामला 15 बीघे स्कूल की जमीन को लेकर है, जिसे पांडे का परिवार अपने कब्जे में लेकर खेती और रोजगार करना चाहता था। जमीन स्कूल के नाम से संबद्ध है इसलिए उन्हें यह जमीन नियमानुसार उन्हें दी ही नहीं जा सकती।’ खत्री ने कहा कि कूटरचना कर प्रबंध समिति पर कब्जा करने का आरोप निराधार है क्योंकि उनकी कमिटी में ही अंजनी कुमार पांडे कई साल तक उपाध्यक्ष बने रहे हैं।
-एजेंसियां

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