Kota में बच्चों की मौत के बाद पहुंचे मंत्री के ल‍िए बिछाया कारपेट

कोटा। राजस्थान के Kota में आज भी प्रशासन व अस्पताल की ओर से शर्मसार करने वाली हरकत सामने आई , जब 105 बच्चों की मौत से इंसान‍ियत कराह रही हो तब अस्पताल के दौरे पर आए संवेदनहीन मंत्री का स्वागत ग्रीन कारपेट ब‍िछाकर क‍िया जाता है।

कोटा के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा पीड़ितों से मिलने और घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए जेकेलोन अस्पताल पहुंच गए हैं। मंत्रियों के स्वागत में प्रशासन ने हरे रंग का कारपेट बिछाया था। दौरे को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल में रंग-रोगन भी करवाया।

जयपुर से 4 घंटे की दूरी होने के बावजूद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने गुरुवार तक यहां का दौरा नहीं किया था। शुक्रवार को वे अस्पताल पहुंचे तो प्रशासन ने रातों-रात अस्पताल का कायाकल्प कर दिया। सभी वार्ड में सफाई और पुताई हो गई। बेड पर नई चादरें बिछा दी गईं। मंत्री के स्वागत में ग्रीन कारपेट बिछा दिया गया। लेकिन जब किरकिरी हुई तो इसे हटा लिया।

अस्पताल में सुबह 8 बजे ही सभी डॉक्टर अपने कमरों में पहुंच गए। मरीजों और उनके परिजन से कहा गया कि वे स्वास्थ्य मंत्री के सामने सबकुछ अच्छा ही बताएं। मंत्री की आवभगत के लिए अस्पताल के मेन गेट पर बिछाए गए ग्रीन कारपेट पर मरीजों और उनके परिजन ने आपत्ति जताई। मरीजों का कहना था कि मंत्रीजी यहां किसी उद्घाटन समारोह में आ रहे हैं या अस्पताल की समस्याएं दूर करने? जिन मासूमों की मौत हुई, उनके परिजन बोले- जेके लोन अस्पताल में मंत्री के लिए ग्रीन कारपेट बिछाने से क्या बीत रही, हमसे पूछें। जेके लोन कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। इतना ही नहीं लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला इसी क्षेत्र से सांसद हैं।

कोटा के सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत के मामले में अब केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत से फोन पर बात करने के बाद विशेषज्ञ दल भेजने के निर्देश दिए। दल अस्पताल में कमियों का विश्लेषण करने बाद तत्काल जरूरी कदमों की अनुशंसा करेगा।

इसमें जोधपुर एम्स के बाल चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह, मंत्रालय के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. दीपक सक्सेना, एम्स जोधपुर के निओनेटोलॉजिस्ट डॉ. अरुण सिंह और एनएचएसआरसी सलाहकार डॉ. हिमांशु भूषण शामिल हैं।

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