करियर री-लॉन्च: महिलाओं के लिए खास 11 महीनों का MBA कोर्स

महिलाएं अक्सर पारिवारिक कारणों से अपनी नौकरी छोड़ देती है. करियर में गैप ज्यादा हो जाए तो उन्हें रोजगार मिलना मुश्किल हो जाता है. ऐसी महिलाओं को करियर री-लॉन्च के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने के इरादे से जॉब्सफॉरहर (JobsForHer) ने एसपी जैन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SPJIMR) के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत महिलाओं के लिए 11 महीनों का खास MBA कोर्स तैयार किया गया है। अपनी तरह के इस पहले फुल टाइम पीजी प्रोग्राम के लिए आवासीय बोर्डिंग का विकल्प और ई-लर्निंग की सुविधा भी मौजूद है।
यह MBA कोर्स फाइनैंस, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स, इन्फर्मेशन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन ऑफर करता है। इन कोर्स को क्लासरूम और नॉन-क्लासरूम सेशन के दौरान असल जिंदगी के उदाहरणों, केस स्टडी और मॉडल की मदद से पढ़ाया जाता है।
इस कोर्स में चार तरह के मॉड्यूल हैं, जो महिलाओं को करियर दोबारा शुरू करने में मदद करता है।
प्री कोर्स फाउंडेशन मॉड्यूल: इकनॉमिक्स, स्टैटिस्टिक्स और अकाउंटिंग की बेसिक नॉलेज
मॉड्यूल 1: सभी क्षेत्रों से जुड़े जनरल मैनेजमेंट कोर्स
मॉड्यूल 2: मार्केटिंग, फाइनैंस, ऑपरेशन एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, इन्फर्मेशन मैनेजमेंट एंड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट इंटरनशिप
मॉड्यूल 3: एकीकरण चरण- जनरल मैनेजमेंट कोर्स जिनमें कई फंक्शनल एरिया होते हैं। इसके अंतर्गत पर्सनल ग्रोथ लैब, लीडरशिप लैब, आईसीएफ सर्टिफाइड कोच से साइंस ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड इन्डविजूअल कोचिंग के जरिए लीडरशिप स्किल डेवलप की जाती है।
इस प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हर स्टूडेंट को इंडस्ट्री में काम करने वाला एक मेंटर मिले जो उसे मौजूदा स्थितियों के बारे में जानकारी देते हुए जॉब के लिए तैयार कर सके। कोर्स के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है, जिसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को ग्रुप और पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। पिछले साल करीब 46 कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रोसेस में हिस्सा लिया था, जिसमें 2017 बैच के 85 प्रतिशत स्टूडेंट्स का सिलेक्शन अच्छे पैकेज पर हुआ।
इस पीजीएमपीडब्ल्यू (PGMPW) प्रोग्राम को साल 2017 के जनवरी में लॉन्च किया गया था। अब तक इस कोर्स से करीब 20 स्टूडेंट ग्रेजुएट हो चुके हैं। इंटरनेशनल बिजनेस पिडीलाइट इंडस्ट्रीज की सीनियर मैनेजर मृदुल गुप्ता ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि ‘मेरे बेटे के जन्म के एक साल बाद मैं फिर से करियर शुरू करना चाहती थी लेकिन मेरे पास जो भी ऑफर आए उन्हें मुझे पारिवारिक मजबूरियों के कारण ठुकरा देना पड़ा। जैसे-जैसे समय बीता मुझे इस चीज का आभास होने लगा कि मेरे करियर में जितने साल का अंतर होगा, उसके मुताबिक रोजगार के अवसर पर भी कम होते जाएंगे। मैं अपने बेटे का हौसला बढ़ाया करती थी, लेकिन मेरा खुद का आत्मविश्वास गिरता जा रहा था।
नवंबर 2016 में मेरी जिंदगी में नया मोड़ आया। मैंने और मेरे बेटे ने एक साथ ऐडमिशन लिया। उसे नर्सरी स्कूल और मैंने SPJIMR के पीजीएमपीडब्ल्यू कोर्स में दाखिला लिया। 11 महीने का यह प्रोग्राम मेरे लिए रोलर-कोस्टर राइड की तरह था। यह कोर्स इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आपकी फंक्शनल नॉलेज, लीडरशिप क्वॉलिटी और पर्सनल कॉन्फिडेंस बढ़ जाता है’।
-एजेंसी

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