खानपान में बदलाव करके किया जा सकता है गर्मी का मुकाबला

नई दिल्ली। सिर्फ दिल्ली ही नहीं उत्तर भारत के ज्यादातर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है और पारा 44 डिग्री के पार चला गया है। ऐसे में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों की मानें तो बुजुर्ग, बच्चे और वैसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं वे गर्मी से होने वाली समस्याओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं। ऐसे में अपने खानपान में बदलाव कर और कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर आप भी गर्मी से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं…
गर्मी से जुड़ी सामान्य बीमारियां
हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, फूड पॉयजनिंग, टाइफ़ॉइड और सनबर्न
इन बातों का रखें ध्यान
– जितना संभव हो सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
– एक्सर्साइज करना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन जब बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही हो तो बहुत ज्यादा एक्सर्साइज करने से बचें
– हर दिन कम से 2 से ढाई लीटर पानी जरूर पिएं
– गर्मी के मौसम में ढीले-ढाले और हल्के रंग के कपड़े पहनें और धूप में बाहर निकलते वक्त हैट और सनग्लासेज का इस्तेमाल करें
– तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव से बचें यानी एसी से तुरंत धूप में और धूप से तुरंत एसी में न जाएं
गर्मियों में ऐसी होनी चाहिए डायट
– तले-भुने, बहुत ज्यादा फैट वाले और बहुत ज्यादा चीनी वाली चीजें खाने से बचें
– फ्रिज में रखे खाने को अगर इस्तेमाल करने जा रहे हों तो उसे कम से कम 5 मिनट तक गर्म जरूर करें
– खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान रखें, स्ट्रीट फूड खाने से बचें
ऐसे होता है हीट स्ट्रोक
BLK सुपर स्पेशिऐलिटी हॉस्पिटल के डॉ आर के सिंघल कहते हैं, ‘हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। उच्च तापमान में लंबे वक्त तक रहने और डिहाइड्रेशन की वजह से हीट स्ट्रोक हो सकता है जिससे शरीर का टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम बिगड़ जाता है। लिहाजा अगर धूप में निकलते वक्त आपको कमजोरी महसूस हो या फिर गला और जीभ जरूरत से ज्यादा सूखने लगे तो तुरंत छांव में जाएं और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए जितना संभव हो तरल पदार्थ का सेवन करें।’
फंगल ऐलर्जी का भी खतरा
तपती धूप आपकी स्किन को भी नुकसान पहुंचा सकती है, लिहाजा लूज और हल्के रंग के कपड़े पहनें, सनस्क्रीन लगाएं और धूप में निकलने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से ढक लें। डॉक्टरों की मानें तो गर्मियों में बहुत ज्यादा पसीना निकलने की वजह से फंगल ऐलर्जी की भी आशंका रहती है। लिहाजा इससे बचना भी जरूरी है।
-एजेंसी

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