जनता को शिक्षा,रोजगार,सुविधा और सरंक्षण देने हेतु Campaign

झारखंड। न्यायधर्मसभा के बैनर तले देवगढ़ में १११ न्याय प्रस्तावों पर शांतिपूर्वक एवं लोकतांत्रिक तरीके से परिचर्चा एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जागरूकता Campaign चलाया गया।

इस अवसर पर अरुण सामरिक ने बताया न्यायधर्मसभा एक सामाजिक संस्था है जो विगत २८ वर्षों से समाज एवं राष्ट्र में न्याय की स्थापना के लिये शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कार्य कर रही है । 111 न्याय प्रस्तावों के प्रतिपादक, संस्थापक एवं मार्गदर्शक श्री अरविंद ‘अंकुर’ जी ने 111 न्याय प्रस्तावों को सरकार एवं समाज के समक्ष रखा गया है।

इन प्रस्तावों पर केंद्र सरकार ने अनेक प्रस्तावों को क्रियान्वयन भी किया है । इसी क्रम में न्यायस्थापना को और अधिक गति देने के लिये देश की जनता को सभाओं, परिचर्चा, संगोष्ठी, तथा मीडिया के माध्यम से जन जन तक पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है ।
नुक्कड़ नाटक में जनाधिकार व् डिजिटल करेंसी का महत्व समझाया गया जिसमें इंद्र देव ,निरंजन ,सुधीर ,निर्भय , प्रवीण ,फूलचंद अविनाश ,पवन ,उमाकांत ,त्रिवेणी ,रवि ,चंद्रशेखर ,संदीप ,शुभम ,नितेश ,रितेश ,दिलीप आदि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी चन्द्रसेन शर्मा ने बताया १११ न्यायशील प्रस्तावों का देश में न्याय प्रचार बड़ी शालीनता के साथ किया जा रहा है। केंद्र सरकार भी दिन प्रतिदिन किसी न किसी प्रस्ताव को क्रियान्वयन कर रही है।

हाल में ही न्यायधर्मसभा के प्रस्ताव नंबर १०९ पर भी सरकार ने कार्य प्रारम्भ कर दिया है। रमेश जी ने कहा जनता को जनाधिकार- शिक्षा, रोजगार, सुविधा और संरक्षण देना ही सरकार का प्रमुख कार्य है।

उमेशजी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि न्याय कहता है कि एक को शिक्षा मिले तो दूसरे को भी मिले , एक को रोजगार मिले तो दूसरे को भी रोजगार मिले लेकिन ऐसा हो नहीं रहा क्यों ? क्योंकि देश की व्‍यवस्था अभी न्यायशील नहीं है।

संजय श्रीवास्तव जी ने कहा सरकार का प्रमुख कार्य केवल चार ही हैं शिक्षा,रोजगार,सुबिधा और सरंक्षण प्रदान करना है । इस मौके पर न्यायधर्मसभा के कई राज्यों के प्रभारी मौजूद रहे ।
पवन जी ने Campaign में भाग लेने वाले सभी सदस्यों का धन्यबाद प्रेषित किया।

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