मुल्‍ला नसरुद्दीन का परदेशी मित्र आया मिलने

मुल्‍ला नसरुद्दीन का भरा-पूरा कुनबा था। वह अपनी बेगम और पांच बच्‍चों सहित संयुक्‍त परिवार में रहता था। एक दिन मुल्‍ला से मिलने उसका कोई परदेशी मित्र घर आया।
मित्र को देखने और उसके बारे में जानने की उत्‍सुकता के कारण मुल्‍ला की बेगम भी ड्रॉइंग रूम में चली आई, और देने लगी मुल्‍ला तथा उसके मित्र की बातों में दखल।
मुल्‍ला का मित्र कुछ भी बोलता, बेगम बीच में टपक पड़ती जबकि वह मुल्‍ला की बेगम से अपरिचित था।
बेगम द्वारा हर बात में दखल देने से आजिज मुल्‍ला के मित्र ने आखिर मुल्‍ला से पूछ ही लिया- मुल्‍ला, ये लबार औरत है कौन?
यह मोहतरमा बेगम नसरुद्दीन हैं, मुल्‍ला ने झेंपते हुआ बताया।
इतना सुनना था कि मित्र कहने लगा- माफ करना मुल्‍ला, मैं अनजाने में ऐसा बोल गया। मुझसे भूल हो गई।
इस पर मुल्‍ला का जवाब था- मियां…भूल तुमसे नहीं, मुझसे हुई जो 11 साल पहले इससे निकाह किया। अब पछताना भी मुझे है, तुम क्‍यों पछता रहे हो। तुमने तो वह सच्‍चाई बयां कर दी, जिसके लिए मैं पिछले 11 सालों से सिर्फ हिम्‍मत जुटा रहा था।