मंत्री Swati Singh को तलब कर सीएम बोले, अपराधि‍यों की पैरवी बर्दाश्त नहीं

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री Swati Singh को CO कैंट लखनऊ बीनू सिंह को धमकाने का 36 सेकेंड का ऑडियो वायरल हो जाने के बाद तलब कर ल‍िया। इस मामले में DGP ने भी 24 घंटा में रिपोर्ट तलब की।

ऑडियो में मंत्री ने कहा कि फर्जी है सब, खत्म करिए मामले को

मंत्री Swati Singh इसमें अंसल डेवलपर्स पर एफआइआर दर्ज कराने को लेकर सीओ कैंट बीनू सिंह से नाराजगी जता रही हैं। उनका कहना था कि फर्जी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। ऊपर से भी आदेश हैं कि अंसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा। हाई-प्रोफाइल मामला है। पहले से ही जांच चल रही है। सीएम के संज्ञान में भी है। सीओ ने कहा कि जांच उपरांत ही रिपोर्ट दर्ज की गई है। मंत्री ने कहा कि फर्जी है सब, खत्म करिए मामले को।

अंसल डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर सीओ को कथित तौर पर फटकार लगाने के बाद मंत्री स्वाति सिंह को सीएम योगी ने तलब किया, करीब 25 मिनट तक सीएम योगी और स्वाति सिंह के बीच बातचीत हुई।

गौरतलब है क‍ि धोखाधड़ी के 150 से ज्यादा मामलों में जांच का सामना कर रहे अंसल डेवलपर्स को लेकर मंत्री स्वाति सिंह और सीओ कैंट बीनू सिंह की बातचीत का एक कथित ऑडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ऑडियो में स्वाति सिंह सीओ को अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए फटकार लगा रही हैं और आकर मिलने की हिदायत देते हुए सुनाई पड़ रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, योगी ने कहा है कि किसी भी दागी या अपराधी की पैरवी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम के निर्देश पर डीजीपी ओपी सिंह ने लखनऊ के एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है।

हालांक‍ि वि‍पक्ष ने इस मामले को हाथोंहाथ ले ल‍िया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘साफ है कि मामला मंत्री तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री भी अपराधियों का बचाव कर रहे हैं। मंत्री को बर्खास्त कर आदित्यनाथ जी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। क्या होगा न्याय?’

मंत्री स्वाति सिंह ने सीओ को ही बताया भ्रष्टाचारी
उधर, ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद स्वाति सिंह ने जहां सीओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, वहीं सीओ ने इस संबंध में कुछ भी कहने इनकार कर दिया। स्वाति सिंह ने सीओ को धमकी देने के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि सीओ खुद को डीजीपी का रिश्तेदार बताती हैं और गरीब-पीड़ितों की एफआईआर नहीं दर्ज करती हैं। जिस मामले में उन्हें पैसा मिल जाए, उसकी एफआईआर दर्ज कर लेती हैं। मैंने पहले भी इन्हें कई पीड़ितों के केस दर्ज करने के लिए कहा, पर उन्होंने नहीं दर्ज किए। मैंने खुद डीजीपी से उन्हें हटाने की सिफारिश की थी। इसके बाद सीओ ने बचने के लिए ऑडियो वायरल कर दिया। इन्हें जनप्रतिनिधि का ऑडियो वायरल करने का अधिकार किसने दे दिया? मैंने कभी कोई गलत सिफारिश नहीं की है।
-एजेंसी

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