कैफे कॉफी डे के मालिक VG Siddharth ने की खुदकुशी, नेत्रावती नदी से शव बरामद

मंगलूरू। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और मशहूर कैफे चेन सीसीडी (कैफे कॉफी डे) के मालिक VG Siddharth के गायब होने के 36 घंटे बाद उनका शव मिला है। जानकारी के मुताबिक VG Siddharth का शव मंगलुरू के हौजी बाजार के पास नेत्रावती नदी के किनारे से बरामद हुआ है।

मंगलूरू पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा, ‘हमें शव आज सुबह मिला। इसकी पहचान के लिए परिवार वालों को पहले ही सूचित किया जा चुका है। हम शव को वेनलॉक अस्पताल में स्थानांतरित कर रहे हैं। हम आगे की जांच जारी रखेंगे।’

सिद्धार्थ पिछले 36 घंटे से लापता थे। उनके लापता होने से पहले उनके मोबाइल फोन पर आयकर विभाग की दर्जनों कॉल आई थीं। इसके अलावा कर्नाटक के ही दो उद्योगपति भी फोन पर लगातार उनके संपर्क में रहे।

पुलिस को यह भी मालूम चला था कि पिछले सप्ताह वीजी सिद्धार्थ की कुछ लोगों के साथ बैठक हुई थी। यह बैठक घर या दफ्तर में नहीं, बल्कि किसी अन्य जगह रखी गई। मंगलुरू पुलिस को वीजी सिद्धार्थ के फोन की जांच में यह जानकारी मिली थी। पुलिस ने मंगलवार को सिद्धार्थ के बंगलुरू स्थित दफ्तर में पूछताछ की थी।

कैफे कॉफी डे मालिक वी जी सिद्धार्थ के खिलाफ कानून के तहत हुई जांच: आयकर विभाग

आयकर विभाग ने कैफे कॉफी डे संस्थापक वी जी सिद्धार्थ के खिलाफ अपनी जांच के दौरान प्रताड़ित करने के आरोपों से मंगलवार को इनकार किया और कहा कि उसके पास उनके जो हस्ताक्षर उपलब्ध हैं वह उस पत्र पर हस्ताक्षर से अलग हैं जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। आयकर विभाग ने कहा कि उद्योगपति ने अपने और अपने प्रतिष्ठानों पर छापों के बाद कुछ आय छिपाकर रखना स्वीकार किया था।

सिद्धार्थ कर्नाटक में बेंगलुरू से मंगलुरू जाते समय रास्ते में लापता हो गए थे। पत्र में सिद्धार्थ ने कहा है कि आयकर विभाग की ओर से काफी प्रताड़ित किया गया। यह ‘हमारे माइंडट्री सौदे को रोकने के लिए दो अलग-अलग मौकों पर हमारे शेयर जब्त करने और बाद में हमारे कॉफी डे शेयर का अधिकार लेने के तौर पर आया जबकि हमने संशोधित रिटर्न दाखिल कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह बहुत अनुचित था और इससे हमें नकदी का गंभीर संकट झेलना पड़ा।

आरोपों को खारिज करते हुए सूत्रों ने कहा कि विभाग की ओर से अस्थायी जब्ती की कार्रवाई ‘राजस्व हितों’ के संरक्षण के लिए की गई थी और वह तलाशी के दौरान जुटाये गए विश्वसनीय साक्ष्यों पर आधारित था।

-एजेंसी

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