गुजरात में Padmavat रिलीज को लेकर सुरक्षा कारणों से बस सेवाएं रद्द

अहमदाबाद। Padmavat के विरोध में उतरे राजपूत संगठनों के खिलाफ गुजरात में 15 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.

फिल्‍म पद्मावत के विरोध के चलते गुजरात के महसाणा के अलावा बनासकांठा, साबरकांठा,अरावली जिलों में सरकारी बसों पर रोक लगा दी गई है.

मेहसाणा में ही 8 बसों को आग के हवाले किए जाने के बाद गुजरात में सरकारी बसों की सेवा बंद करने का फैसला किया गया है. हमलावर विरोध के चलते इलाकों में अभी तक करीब 3 हजार से ज्‍यादा फेरे रद्द कर दिए गए हैं.

करणी सेना और राजपूत संगठनों का विरोध हिंसक होता जा रहा है. मेहसाणा में हिंसक हुए विरोध में बसों में आग लगा दी गई. इसके बाद परिवहन विभाग ने पद्मावत के विरोध वाले इलाकों में बसें न भेजने का फैसला किया है. प्रशासन का कहना है कि एहतियातन बस सेवा पर रोक लगाई गई है.

पद्मावत का विरोध प्रदर्शन राजस्‍थान और गुजरात में बड़ा रूप ले चुका है. जहां राजस्‍थान में कई किलों को करणी सेना बंद करने का एलान कर चुकी है, वहीं गुजरात में हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया जा रहा है.

इस बीच पद्मावत के विरोध में उतरे राजपूत संगठनों के खिलाफ गुजरात में 15 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. इन शिकायतों में कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ के अलावा थिएटर मालिकों को डराना-धमकाना शामिल है. इस मामले में गुजरात के इंचार्ज डीजीपी प्रमोद कुमार का कहना है कि राज्‍य में सुरक्षा व्‍यवस्‍था तीन गुना बढ़ा दी गई है. दोषियों को छो‍ड़ा नहीं जाएगा.

डीजीपी प्रमोद ने कहा कि पूरे गुजरात में करणी सेना और अन्‍य संगठनों ने तोड़फोड़ और आगजनी की है. इनके खिलाफ कुल 15 शिकायतें मिली हैं. ऐसे में पुलिस की ओर से संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं.

Padmavat के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस को सख्ती से फॉलो किया जाएगा साथ ही पुलिस ने सभी संगठनों से संयम बरतने की अपील की है.
-एजेंसी