कोर्ट के निर्देश से खाली कराया गया बंगला फिर दिग्विजय सिंह को आवंटित

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में एक बार फिर बंगला मुद्दा चर्चा में है। कांग्रेस की सरकार आते ही पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह को दोबारा वह बंगला आवंटित हो गया जो पहले शिवराज सिंह सरकार ने खाली करवा लिया था। नए मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पार्टी के कद्दावर नेता को श्‍यामला हिल्‍स स्थित बी 1 टाइप के यह सरकारी बंगला फिर आवंटित किया है। पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए इस साल जुलाई में दिग्विजय सिंह से बंगला खाली करने के लिए कहा था। राज्यसभा का सदस्य होने के नाते दिग्विजय सिंह को यह बंगला आवंटित किया गया है।
उमा भारती और बाबूलाल गौर को पहुंचाया फायदा
उस समय पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने विवेकाधीन अधिकारों का प्रयोग करते हुए पूर्व मुख्‍यमंत्रियों उमा भारती और बाबूलाल गौर का बंगला खाली होने से बचा लिया था पर दिग्विजय सिंह को उन्‍होंने इसका फायदा नहीं दिया। हालांकि तब अधिकारियों ने तर्क दिया था कि जिन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने बंगला बरकरार रखने के लिए आवेदन दिया था उनको इसकी अनुमति दे दी गई थी लेकिन दिग्विजय सिंह ने इसके लिए आवेदन नहीं दिया था। उधर, कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह का पक्ष लेते हुए कहा था कि वह राज्‍यसभा के सदस्‍य हैं और इस नाते वह सरकारी बंगला पाने के हकदार हैं। अब मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने उसी विशेषाधिकार के तहत दिग्विजय सिंह को एक बार फिर यह बंगला सौंप दिया है।
उधर, गृह विभाग के उप सचिव बी.एस. जमोद ने बताया कि ‘इस संदर्भ (दिग्विजय को बंगला आवंटन) में मंगलवार शाम को ही आदेश जारी हो गए हैं। राज्‍यसभा का सदस्‍य होने के नाते दिग्विजय सिंह सरकारी बंगले में रहने के अधिकारी हैं।’
शिवराज सिंह को भी देंगे बंगला
इस बारे में मीडिया से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, ‘बंगला नियमों का पालन करते हुए ही जारी किया गया है। यह पूछने पर कि क्‍या फिर शिवराज सिंह चौहान को भी बंगला दिया जाएगा, उन्‍होंने कहा, ‘हां क्‍यों नहीं। इससे संबंधित फाइल पर मैं बहुत शुरुआत में ही हस्‍ताक्षर कर चुका हूं।’
गौरतलब है कि शिवराज सरकार द्वारा दिग्विजय सिंह से बंगला खाली कराने के मुद्दे पर कमलनाथ ने काफी विरोध जताया था। दिग्विजय सिंह ने भी तुरंत आवास छोड़ दिया था। कमलनाथ ने कहा था कि शिवराज सरकार को भेदभावपूर्ण फैसले लेने से बचना चाहिए।
-एजेंसियां

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