जम्‍मू क्षेत्र में BSF की CIBMS ने रोकी आतंकियों की घुसपैठ

नई दिल्‍ली। सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने शनिवार को कहा कि देश की सुरक्षा तथा घुसपैठ रोकने के लिए जम्मू क्षेत्र में सीमा पर समग्र एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली (CIBMS) लगाई गई है और घुसपैठ रोकने में इसके उचित परिणाम आ रहे हैं।

बीएसएफ महानिदेशक मिश्रा ने ग्वालियर के निकट बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर में उपनिरीक्षकों की दीक्षांत परेड के बाद पत्रकारों से कहा, ”सीमा पर फेंसिंग के साथ ही फ्लड लाइट तथा थर्मल इमेजिंग उपकरण लगाए गए हैं। अब बीएसएफ ने नयी सर्विलांस प्रणाली लगाई है और इस नयी तकनीक से घुसपैठ को कारगर तरीके से रोका जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से लगती सीमा पर जम्मू क्षेत्र में और बांग्लादेश की सीमा पर कुछ स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह काम किया गया है तथा यह प्रणाली हर मौसम में काम करती है।

बीएसएफ की महिलाकर्मियों को सीमा पर तैनात करने में कौन सी चुनौतियां आती हैं, इस सवाल पर मिश्रा ने कहा कि महिलाएं हमारे लिए चुनौती नहीं हैं। सभी एक जैसा प्रशिक्षण पाकर जवान बनते हैं। लेकिन हम यह प्रयास करते हैं कि जब महिलाओं को सीमा पर तैनात करें तो उनके लिए रहने की उचित व्यवस्था हो।

इसके पहले महानिदेशक ने बीएसएएफ अकादमी टेनकपुर में उपनिरीक्षकों की दीक्षांत परेड की सलामी ली। इस परेड में देश के विभिन्न राज्यों से आए 550 युवा उपनिरीक्षक बने जिनमें 32 महिलाएं भी हैं। इन सभी अधिकारियों को टेकनपुर की अकादमी में 24 हफ्ते का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। यह बीएसएफ के इतिहास में पहला मौका है जब एक साथ इतनी संख्या में उपनिरीक्षक दीक्षांत परेड में शामिल हुए हैं।

इस मौके पर मिश्रा ने कहा कि परेड से पता चलता है कि अकादमी में युवाओं को उम्दा प्रशिक्षण दिया गया है और सभी अधिकारी बीएसएफ के उच्च मानदंडों को बनाए रखेंगे। इस दीक्षांत परेड के बाद अधिकारी बने युवकों के परिवारजनों ने उनके कंधे पर अधिकारी पद को दर्शाने वाले स्टार लगाए। महानिदेशक मिश्रा ने भी इन अधिकारियों के माता-पिता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश सेवा के लिए उन्होंने अपने बच्चों को बीएसएफ में भेजकर सराहनीय कार्य किया है।

-एजेंसी

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