अपने मददगार अफगानियों को ब्रिटेन ने दिया स्‍थायी शरण का ऑफर

लंदन। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि अफ़ग़ानिस्तान में जिन भी लोगों ने ब्रिटिश सरकार और सेना की मदद की, वे स्थायी तौर पर ब्रिटेन में रह सकते हैं.
इससे पहले तक पांच साल के प्रवास का प्रस्ताव था लेकिन अब इसे बढ़ाकर अनिश्चितकाल तक के लिए कर दिया गया है.
ब्रिटेन 13 अगस्त से अफ़ग़ान पुनर्वास और सहायता नीति के तहत योग्यता रखने वाले आठ हज़ार से अधिक लोगों को अफ़ग़ान से एयरलिफ़्ट कर चुका है. लेकिन लेबर पार्टी का कहना है कि कई अफ़गानों के लिए और अधिक मदद किये जाने की आवश्यकता है क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान से निकल जाने के बाद भी उनके लिए जान का जोख़िम है.
ब्रिटिश सैनिकों ने बीते सप्ताह अफ़ग़ानिस्तान छोड़ दिया था. इसके साथ ही अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन की 20 साल की सैन्य भागीदारी भी समाप्त हो गई.
विदेश सचिव डॉमिनिक राब ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद कितने लोग ब्रिटेन आने की योग्यता रखते हैं इसका कोई सटीक आंकड़ा तो फिलहाल नहीं दे सकते हैं.
ऑपरेशन वॉर्म वेलकम नामक अपनी योजना का विवरण देते हुए गृह कार्यालय ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ब्रिटेन में आने वाले अफ़ग़ानों को अपने जीवन को नए तरीक़े से शुरू करने में मदद मिल सके.
अफगान रिलोकेशन एंड असिस्टेंस पॉलिसी (एआरएपी) स्थानीय रूप से कार्यरत पूर्व कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए है. ये वो लोग हैं जिन्हें तालिबान से ख़तरा हो सकता है.
प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने एक संबोधन में कहा कि ब्रिटेन पर अफ़ग़ानिस्तान में सशस्त्र बलों के साथ काम करने वालों का बहुत बड़ा कर्ज़ है.
उन्होंने कहा, “मैं इस बात को लेकर दृढ़ संकल्पित हूं कि हम उन्हें और उनके परिवारों को ब्रिटेन में अपने जीवन के पुनर्निर्माण के लिए हर ज़रूरी समर्थन देंगे.”
अपने नागरिकों को निकालने के लिए ब्रिटेन कर रहा है तालिबान से बात
अमेरिका का आख़िरी सैन्य विमान भले ही अफ़ग़ानिस्तान से रवाना हो चुका हो लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में अभी भी कई विदेशी नागरिक मौजूद हैं जिनमें कई ब्रिटिश नागरिक भी हैं और वे अफ़ग़ान भी हैं जिन्होंने गठबंधन सेना की मदद की थी.
ब्रिटेन अपने नागरिकों और अफ़ग़ान लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षित निकालने के लिए तालिबान से बात कर रहा है.
यह बातचीत ब्रिटेन के अधिकारियों और तालिबान सदस्यों के बीच हो रही है ताकि ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षित निकासी को सुनिश्चित किया जा सके.
नंबर 10 ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह बातचीत दोहा में हो रही है.
ऐसा माना जा रहा है कि क़रीब डेढ़ सौ से ढाई सौ ऐसे लोग अब भी अफ़ग़ानिस्तान में हैं जो री-लोकेशन की पात्रता रखते हैं और उनके साथ उनका परिवार भी है.
ब्रिटेन-तालिबान वार्ता पर टिप्पणी करते हुए टेन डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, “अफ़ग़ान में हो रहे बदलावों के संदर्भ में प्रधानमंत्री के विशेष प्रतिनिधि साइमन गास दोहा की यात्रा पर हैं. वह तालिबान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि ब्रिटिश नागरिकों के लिए अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित किया जा सके. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो ब्रिटिश नागरिक हैं और वे अफ़ग़ान भी जिन्होंने पिछले 20 वर्षों में हमारे साथ काम किया है.”
मंगलवार को विदेश सचिव डॉमिनिक राब ने कहा कि ब्रिटेन अब तक क़रीब 17,000 से अधिक लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से एयरलिफ़्ट कर चुका है. जिसमें 5,000 से अधिक ब्रिटिश नागरिक हैं.
-एजेंसियां

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