नेताजी की Army के एकमात्र जीवित सिपाही ने भी अंतिम सांस ली

Breathed his last only surviving soldier Netaji's army
नेताजी की Army के एकमात्र जीवित सिपाही ने भी अंतिम सांस ली

आजमगढ़। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की Army के एकमात्र जीवित सिपाही निजामुद्दीन अब दुनिया में नहीं रहे। उनकी उम्र 116 वर्षों से ज्यादा थी। सोमवार को उन्होंने आजमगढ़ के मुबारकपुर इलाके के ढकवा में अंतिम सांस ली।
यह वही निजामुद्दीन हैं, मंच पर जिनके पैर छूकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में लोकसभा चुनाव लड़ते वक्त आशीर्वाद लिया था।
उनके निधन की खबर से पूरा पूर्वांचल गम में डूब गया है। पीएम द्वारा पिछले साल नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की घोषणा के बाद उनकी बूढ़ी आंखों में उम्मीद की नई चमक दिखाई दी थी।
आजाद हिंद सरकार का आईकार्ड आज भी अपने पास सुरक्षित रखे निजामुद्दीन से पिछले दिनों नेताजी की प्रपौत्री राज्यश्री चौधरी ने मुलाकात की थी।
नेताजी से उनसे आखिरी मुलाकात के बारे में जब प्रपौत्री ने पूछा तो बोले, ‘वह दिन जीते जी कभी नहीं भूल सकता हूं। मैंने बर्मा-थाईलैंड बॉर्डर पर सीतांगपुर नदी के पास कार से उतारा था। मैं उनके साथ खुद भी जाना चाहता था लेकिन उन्होंने यह कहकर वापस भेज दिया कि हम आजाद भारत में मिलेंगे। इसके बाद नेताजी से मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई। मैंने अपना हीरो खो दिया। देश में उनके जैसा कोई नेता आज तक पैदा ही नहीं हुआ।’
उस समय निजामुद्दीन ने कहा था कि उनके गायब होने के रहस्य से पर्दा हटाने के लिए जान देने में भी पीछे नहीं रहूंगा। प्रधानमंत्री द्वारा नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की घोषणा का स्वागत करने के साथ वह चाहते थे कि मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।
-एजेंसी

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