समलैंगिकता को दर्शाने वाली Painting ने नीलामी के रेकॉर्ड तोड़े

भारतीय कलाकार भूपेन खाखर की समलैंगिकता को दर्शानेवाली Painting ने ब्रिटेन में नीलामी के रेकॉर्ड तोड़ दिए। टू मेन इन बनारस नाम की इस Painting को खाखर ने 1980 के दशक में बनाया था। खाखर उन कलाकारों में से रहे जिन्होंने खुलकर अपनी समलैंगिक पहचान को उजागर किया था।
भूपेन खाखर की यह Painting 32 लाख डॉलर में नीलाम हुई है जो एक नया रेकॉर्ड है। यह नीलामी सोमवार को सोथबी के नीलामी घर में हुई। इसकी खरीदारी कूप्स दे कोइअर : द गाई एंड हेलेन बार्बीअर फैमिली कलेक्शन ने की, जिसके पास 20 वीं सदी के भारतीय कला के 29 बेहतरीन कलाकृतियों का संग्रह है।
1986 में मुंबई में ‘टू मेन इन बनारस’ का अनावरण करने वाले खाखर (1934-2003) पहले ऐसे भारतीय कलाकार थे, जिन्होंने अपने काम के जरिए अपने यौन ओरिएंटेशन का खुलासा किया था। सोथबी ने अपने वेबसाइट पर लिखा है कि पेंटिंग में दो नग्न पुरुषों को आलिंगन करते दिखाया गया है। Painting में कलाकार ने समलैंगिक प्रेम का नवीन आइकोनोग्राफी तैयार किया है। खाखर भारत के पहले अग्रणी समलैंगिक कलाकार थे।
सोथबी ने बताया कि कलाकार के सर्वश्रेष्ठ व व्यापाक कार्यों में से एक इस Painting को टेट मॉडर्न 2016 की प्रदर्शनी ‘यू कैन नॉट प्लीज ऑल’ में लगाई गई थी, जो संस्थान में आयोजित होने वाले भारतीय कलाकार का पहला रेट्रोस्पेक्टिव है। इसके अलावा नीलामी में एम.एफ हुसैन की ‘मराठी वीमेन’ (1950) करीब 553,146 डॉलर में और राम कुमार की दुर्लभ Painting ‘अनटाइटल्ड’ (जिसमें महिला और पुरुष एक दूसरे का हाथ थामें हैं), जो 1953 में उन्होंने अपनी पत्नी को तोहफे के तौर पर दी थी, उसकी बिक्री 659,960 डॉलर में हुई।
रामेश्वरम ब्रूटा की ‘एपे’ सीरीज की ‘एनाटॉमी ऑफ दैट ओल्ड स्टोरी’ (1970) 537,887 डॉलर में बिकी। वैश्विक नीलामी घर की बिक्री प्रमुख इशरत कांगा ने कहा, ‘यह असाधारण परिणाम गाय और हेलेन बार्बीयर की अग्रणी विचारधारा के लिए श्रद्धांजलि है, जिन्होंने तब भारतीय कला के असाधारण उदाहरण पेश किए जब कुछ लोग इस बारे में सोच ही रहे थे।’ सोमवार को हुई अन्य बिक्री में फ्रांसिस न्यूटन सूजा की स्मारकीय बेनाम पेंटिंग 15 लाख डॉलर में बिकी।
-एजेंसियां

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