ब्रज के निरंकारी सेवा को Samalakha संत समागम में पहुंचे

मथुरा। विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक निरंकारी संत समागम का 71 वां कदम पहलीबार हरियाणा के गन्नौर और Samalakha के बीच जीटी रोड स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर रखा जायेगा, इससें पूर्व 70 समागम देश की राजधानी दिल्ली में हो चुके हैं।
Samalakha में होगा 71 वां वार्षिक अंतरराष्ट्रीय निरंकारी संत समागम ,
उत्तर प्रदेश के 5 हजार निरंकारी सेवादार कर रहे हैं तैयारियों में भागीदारी, मथुरा के भक्त भी कर रहे हैं सेवा
मीडिया प्रभारी किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि समागम की तैयारियों में सेवा करने हेतु उत्तर प्रदेश से लगभग 5 हजार सेवादार-भक्त समालखा में लगातार एक माह से तैयारियों में भागीदारी कर रहे हैं, जबकि मथुरा से निरंकारी सेवादल के सहायक शिक्षक योगेश कुमार के नेतृत्व में 32 सदस्यों की एक टीम समालखा के समागम मैदान में पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि 71 वें निरंकारी संत समागम की तैयारियों के लिए सेवा का उद्घाटन सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने पिछले माह हरियाणा के समालखा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर किया, इसी के साथ ही देशभर से पहुंचे हजारों सेवादल के भाई-बहन तथा अन्य श्रद्धालु भक्त प्रतिदिन सेवा कर तैयारियों में अपनी भागीदारी दे रहे हैं।
संयोजक हरविंद्र कुमार ने बताया कि समागम स्थल पर सत्संग पण्डाल, आध्यात्मिक प्रदर्शनी, लंगर, केंटीन, डिस्पेंसरी तथा भक्तों को विविध सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले कई कार्यालय इत्यादि के अलावा बाहर से आने वाले भक्तों के सुविधापूर्वक निवास हेतु हजारों शामियाने लगाए जा रहे हैं।
वहीं सद्गुरू माता जी ने समागम की तैयारियों हेतु सेवा कर रहे भक्तों का उत्साहवर्धन करते कहा कि इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से विकास कार्य उत्साहपूर्वक भक्तों द्वारा किए जा रहे हैं और आज भी वो उत्साह देखने को मिल रहा है। आज भी भक्तों में वही समर्पण भाव और सेवा भाव नजर आ रहा है। वास्तव में श्रद्वालु भक्तों ने हमेशा ही तन,मन धन से समर्पित होकर निरंकारी मिशन की सेवा की है। इसलिए समागम के सफल आयोजन के लिए भी सभी का सहयोग अनिवार्य है।
समागम में लाखों की संख्या में देशभर से श्रद्वालुओं के समागम स्थल पर पहुंचने की संभावना है और दूरदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्वालु भक्त सन्त समागम में सम्मलित होंगे। इसके लिए रेल मंत्रालय की ओर से इस बार एक विशेष सुविधा प्रदान की गई है। इसके अनुसार 10 नवम्बर से लेकर 5 दिसम्बर, 2018 तक सभी एक्सप्रेस तथा मेल गाड़ियां 2 मिनट के लिए भोडवाल माजरी स्टेन पर रूकेंगी जो समागम स्थल के बिल्कुल पास ही स्थित है।
यह समागम स्थल लगभग 600 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। यहां बाहर से आने वाले सभी भक्त समागम का भरपूर आनन्द ले सकें और ठहरने तथा भोजन इत्यादि में भी कोई असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बिजली, पानी, सीवरेज इत्यादि के प्रबन्ध के लिए सम्बन्धित अधिकारियों से सहयोग लिया जा रहा है और मिल भी रहा है। समागम स्थल पर सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ तक कि लंगर पत्तलों की बजाय स्टील की थालियों में दिया जाएगा। लंगर, केंटीनों, प्याऊ और शौचालय इत्यादि स्थानों पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। बसों व अन्य आने वाले साधनों की पार्किंग व्यवस्था भी सुचारू की जाएगी। इसी प्रकार दिव्यांगों के लिए भी विा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि सन् 1948 में बाबा अवतार सिंह जी द्वारा शुरू हुए निरंकारी संत समागम बाबा गुरुबचन सिंह जी, बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविन्दर जी के सानिध्य में क्रमानुसार दिल्ली में होते रहे, जिसमें श्रद्धालु-भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती रही, अतः जगह कम पढ़ने के कारण बाबा हरदेव सिंह जी के मार्गदर्शन में समालखा में लगभग 600 एकड़ जमीन खरीदी गई थी, जहां पहलीबार 24 नवम्बर से तीन दिवसीय 71 वां वार्षिक निरंकारी संत समागम होने वाला है।

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