अंतर्राष्ट्रीय संत समागम में छाये रहे ब्रज के Nirankari भक्त

Nirankari सद्गुरु माता सुदीक्षा जी का आशीर्वचन लेकर लौटे ब्रजवासी

मथुरा। ब्रज के भक्त हरियाणा के समालखा में सम्मपन्न हुए अंतर्राष्ट्रीय 71 वें Nirankari संत समागम की विभिन्न गतिविधियों में छाये रहे।

स्थानीय प्रवक्ता किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि हरियाणा के गन्नौर और समालखा के बीच जी.टी. रोड स्थित संत Nirankari आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय संत समागम में भारत के हर प्रांत और दूरदेशों के लाखों श्रद्धालुओं के साथ मथुरा जिले के दो हजार से ज्यादा भक्तों ने जिला संयोजक हरविंद्र कुमार के नेतृत्व में सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के आशीर्वचनों का लाभ प्राप्त किया।

समागम में भक्तों को सम्बोधित करते हुए सद्गुरु माता सुदीक्षा जी ने फरमाया कि सत्संग कोई रस्म नहीं बल्कि ये एक ज्ञानी सन्तजनों का अद्वितीय मिलन है| जब संत अपने निजी आध्यात्मिक अनुभव से बोलते हैं तो उनके हर शब्द से हमें प्रेरणा प्राप्त होती है इसलिए हमें उन्हें बड़े ध्यान से सुनना चाहिए|

सद्गुरु माता जी ने कहा कि हम जब भी सत्संग में शामिल होते हैं तो हमें पूरी मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए| इतना ही नहीं, बल्कि सत्संग में मोबाईल आदि का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे वहां जो बोला जा रहा है उससे हमारा ध्यान हट जाता है| उन्होंने बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविन्दर जी के प्रेरक मार्गदर्शन की याद दिलाते हुए कहा कि हमें सन्तों की वाणी सुन कर उसे अपने दिन प्रतिदिन के जीवन में अपनाना चाहिए|

माता सुदीक्षा जी ने बताया कि जब हम प्रत्येक संत में निरंकार प्रभु का रुप देखते हैं और समीप बैठे सन्त के प्रति नतमस्तक होते हैं तो हमें आशीर्वाद मिल जाता है | जो सत्संग से वंचित हैं, उन्हें अपने भक्तिभाव, समर्पण एवं विश्वास के आधार पर सत्संग से जुडने की प्रेरणा दे सकते हैं| निरंकारी सद्गुरु ने कहा कि एक बुझा हुआ दीपक भी जले हुए दीपक से पुन: प्रज्ज्वलित किया जा सकता है|

माता सुदीक्षा जी ने निरंकारी भक्तों को संदेश दिया कि वे अपने जीवन में निरंतर सत्संग, सेवा, सिमरण करते रहें|

71 वें वार्षिक संत समागम स्थल पर लगाई गई भव्य निरंकारी प्रदर्शनी लाखों भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनीं रही| इस प्रदर्शनी में निरंकारी मिशन के दर्शन, इतिहास, समाज एवं मानवता के प्रति की गई विभिन्न गतिविधियों को सुदर कटआउट, दुर्लभ तथा नवीन फोटोग्राफ और विभिन्न कला के मॉडलों द्वारा दर्शाया गया था| प्रदर्शनी की व्यवस्थाओं में मथुरा के लगभग 100 सेवादल के सदस्य संचालक मोहनसिंह, शिक्षक अशोक दयालु और सहायक शिक्षक योगेश के नेतृत्व में निरंतर जुटे रहे।

समागम में हरियाणा के मुख्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई, इस मौके पर उन्होंने हरियाणा की पावन भूमि पर अंतर्राष्ट्रीय सन्त समागम आयोजित करने पर सद्गुरु माता जी का आभार प्रकट किया| उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष से एवं विश्व के 70 देशों से आये हुए भक्तों का यह संत समागम हरियाणा का सबसे बड़ा कार्यक्रम है| संत निरंकारी मिशन का सन्देश आज पूरे विश्व की जरुरत है|

मिशन की विचारधारा की चर्चा करते हुए श्री मनोहर लाल जी ने बताया कि आज जब हर मनुष्य अपनी स्वार्थ सिद्धी के लिए कोई भी उचित-अनुचित तरीके अपनाता है, वहां सद्गुरु माता सुदीक्षा जी की रहनुमाई में संत निरंकारी मिशन शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश देकर मानवता की भावना से युक्त होकर महान सेवा कर रहा है|

यह सन्त समागम मिशन के पूर्व प्रमुख सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज के प्रति समर्पित किया गया, जिन्होंने गत साढ़े तीन माह पूर्व अपने नश्वर शरीर का त्याग किया| समागम का मुख्य विषय “माँ सविंदर–एक रोशन सफर” रखा गया है| इस विषय द्वारा माता सविन्दर जी द्वारा दी गई शिक्षाओं पर बल दिया गया कि ब्रह्मज्ञान को अपने दैनिक जीवन में अपनायें ताकि प्रेम, करुणा, शान्ति, सहनशीलता एवं एकता जैसे मानवीय मूल्य हमारे जीवन से परिलक्षित हों|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »