Hindustan Unilever के उत्पादों का बहिष्कार करें: हिन्दू जनजागृति

हिन्दूविरोधी विज्ञापन प्रसारित करने के कारण Hindustan Unilever के विरोध में गोवा और सोलापुर में पुलिस थाने में शिकायत की।

रंगपंचमी पर Hindustan Unilever कंपनी के उत्पाद सर्फ एक्सेल का एक विज्ञापन प्रसारित किया है। इस विज्ञापन में हिन्दू त्यौहारों के निमित्त पुनः एक बार जानबूझकर हिन्दुओं का अपमान किया गया है। इससे पूर्व भी इस कंपनी के अनेक विज्ञापनों में हिन्दुओं का, हिन्दुओं के श्रद्धास्थानों का अपमान किया गया है। इसलिए इस कंपनी के संचालकों पर भा.दं.सं. की धारा 295 अ और 153 अ के अनुसार अपराध प्रविष्ट किया जाए। पुनः विज्ञापनों के माध्यम से धार्मिक भेदभाव नहीं किया जाए, कठोर कार्यवाही की जाए और संबंधित विज्ञापनों पर त्वरित प्रतिबंध लगाया जाए, आदि मांग करते हुए इस कंपनी के कार्यकारी संचालकों के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से गोवा में चंद्रकांत (भाई) पंडित ने म्हापसा पुलिस थाने में तथा पंढरपुर (सोलापुर) में पुरुषोत्तम लंके ने पुलिस शिकायत की है।

इस समय गोवा में जयेश थळी, हिन्दू जनजागृति समिति की राजश्री गडेकर, सनातन संस्था की शुभा सावंत उपस्थित थीं। पंढरपुर में हिन्दू महासभा के अध्यक्ष बाळकृष्ण डिंगरे, पेशवाई युवामंच के अध्यक्ष ओंकार कुलकर्णी, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता नीलेश सांगोलकर और हिन्दू जनजागृति समिति के राजन बुणगे उपस्थित थे।

इस विज्ञापन में होली के दिन बच्चे रंग खेल रहे हैं तथा एक हिन्दू बच्ची साइकिल चलाते हुए वहां आती है तथा बच्चों को उसपर रंग फेंकने का आवाहन करती है। उनके रंग और पानी के गुब्बारे समाप्त होने तक वह वहां घूमती रहती है। उनके रंग और पानी के गुब्बारे समाप्त होने पर वह एक घर के सामने जाती है, उस घर से सफेद कुरता और पायजामा पहना हुआ एक छोटा मुसलमान लडका बाहर निकलता है। वह लड़की उससे कहती है कि बाहर आ जाओ, रंग समाप्त हो चुके हैं तथा उसे साइकिल पर बैठाकर मस्जिद के सामने ले जाकर छोड देती है। तब वह लड़का कहता है, ‘मैं नमाज पढकर आता हूं ।’ उस समय वह लडकी अर्थात ‘पश्‍चात रंग गिरेंगे ।’ उस समय संदेश दिया जाता है कि ‘अपनेपन के रंग में अन्यों को रंगते समय दाग लग जाए, तो वे दाग अच्छे हैं ।’

इससे कंपनी को क्या संदेश देना है ? क्या रंगपंचमी के दिन हिन्दू समाज नमाज पठन के लिए जानेवाले मुसलमानों पर रंग उड़ाते हैं ? हिन्दू लड़की और मुसलमान लडका ऐसे पात्र दिखाकर क्या साध्य करना है ? हिन्दुओं की रंगपंचमी और मुसलमानों की नमाज का कोई संबंध है क्या ? प्रत्येक बार हिन्दू त्यौहारों के समय ही ऐसे विज्ञापन क्यों आते हैं, ऐसे अनेक प्रश्‍न इस निमित्त उपस्थित होते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से बडी मात्रा में इसका विरोध होकर भी इस कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिसाद नहीं मिला है, इससे यह स्पष्ट होता है कि इस कंपनी को हिन्दुओं की धर्मभावनाओं का कितना मूल्य है ।

Hindustan Unilever का यह पहला ही विवादित विज्ञापन नहीं है। इससे पूर्व एक विज्ञापन में कुंभ मेले में अपने वृद्ध माता-पिता को छोड देने के लिए आते हैं, इस आशय का ‘रेड लेबल’ चाय का विज्ञापन हाल ही प्रसारित किया था। इससे पूर्व गणेशचतुर्थी की अवधि में मुसलमान गणेशमूर्ति विक्रेता और मूर्ति लेने के लिए आए हुए हिन्दू व्यक्ति का विवादित विज्ञापन प्रसारित किया था। संक्षेप में दिखाई देता है कि Hindustan Unilever ने हिन्दूविरोधी विज्ञापनों की श्रृंखला ही चलाई है । अब हिन्दू यह सहन नहीं करेंगे । इसके विरोध में Hindustan Unilever के उत्पादों का बहिष्कार करने का आवाहन करते हुए आंदोलन छेडा जाएगा, ऐसा भी हिन्दू जनजागृति समिति ने सूचित किया है।

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