बॉक्सिंग डे टेस्ट के ‘मैन ऑफ द मैच’ को मिलेगा जॉनी मुलाग पदक

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट यानी बॉक्सिंग डे टेस्ट को लेकर एक ऐलान किया है। उसने कहा कि इस मैच के मैन ऑफ द मैच को जॉनी मुलाग पदक दिया जाएगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मैन ऑफ द मैच) को जॉनी मुलाग पदक से सम्मानित किया जाएगा। जॉनी मुलाग विदेशी दौरे पर जाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान थे। उनकी अगुवाई में 1868 में टीम ने ब्रिटेन का दौरा किया था।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘बॉक्सिंग डे टेस्ट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को मुलाग पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसका नाम दिग्गज जॉनी मुलाग के नाम पर रखा गया है जो 1868 की क्रिकेट टीम के कप्तान थे। यह टीम अंतर्राष्ट्रीय दौरा करने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम थी।’
मुलाग का असली नाम उनारिमिन था और उन्होंने 1868 में क्षेत्रीय टीम का नेतृत्व किया था। इस दौरे में उन्होंने 47 में से 45 मैच खेले थे तथा लगभग 23 की औसत से 1698 रन बनाए थे।
उन्होंने 1877 ओवर भी किए जिसमें से 831 ओवर मेडन थे और 10 की औसत से 245 विकेट लिए। अपने करियर में उन्होंने कामचलाऊ विकेटकीपर की भूमिका भी निभायी और चार स्टंपिंग की।
क्या और क्यों होता है बॉक्सिंग डे टेस्ट
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच एडिलेड में खेला गया था, जहां मेहमान टीम को 8 विकेट हार मिली थी। अब सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 26 दिसंबर से खेला जाएगा, जिसे बॉक्सिंग डे टेस्ट भी कहते हैं। अब सवाल उठना लाजमी है कि आखिर टेस्ट क्रिकेट तो ठीक है, लेकिन बॉक्सिंग से क्या मतलब है। तो बता दें कि यहां बॉक्सिंग का मतलब मुक्केबाजी से नहीं, बल्कि ‘क्रिसमस बॉक्स’ से है।
पहले जानें ‘बॉक्सिंग डे’ इतिहास
दुनिया के कई देशों में क्रिसमस (25 दिसंबर) के अगले दिन यानी 26 दिसंबर को बॉक्सिंग-डे कहा जाता है। क्रिसमस के अगले दिन जब लोग अपने दोस्तों व परिजनों से मिलते हैं तो उन्हें बॉक्स में गिफ्ट करके देते हैं। यह परंपरा सैकड़ों साल से चली आ रही है। एक मान्यता है कि इस दिन का नाम ‘क्रिसमस बॉक्स’ पर पड़ा। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों को क्रिसमस के दिन भी काम किया करना पड़ता था और उनके मालिक अगले दिन 26 दिसंबर को तोहफे दिया करते थे, जिसमें कई बार भोजन तक होता था।
बॉक्सिंग डे से जुड़ी एक अन्य थिअरी भी है। इसके अनुसार चर्च में त्योहारों के सीजन में एक बॉक्स रखा जाता है, जिसमें लोग जरूरतमंदों के लिए दान करते हैं। चर्च से जुड़े लोग क्रिसमस से अगले दिन यानी 26 दिसंबर को उस बॉक्स को खोलकर उसका सामान गरीबों और जरूतमंदों को बांट देते हैं।
ऐसे हुआ क्रिकेट और बॉक्सिंग डे का जुड़ाव
खैर, यह तो रही बॉक्सिंग डे की बात। अब जानते हैं कि आखिर इसका क्रिकेट से जुड़ाव कैसे हुआ। 1892 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में शेफील्ड शील्ड का एक मैच हुआ। इससे विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच क्रिसमस के दौरान क्रिकेट मुकाबलों की परंपरा बन गई। हालाकं, मेलबर्न में पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच 1950 में खेला गया। यह मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया। यह मैच 22 दिसंबर को शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे बॉक्सिंग डे क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बनने लगा।
85,596 दर्शक टेस्ट मैच देखने पहुंचे
1980 से पहले सिर्फ मेलबर्न में सिर्फ चार टेस्ट मैच बॉक्सिंग डे के दौरान खेले गए। ये 1952, 1968 और 1974 और 1975 में खेले गए। इसके अलावा 1967, 1972 और 1976 में ऐडिलेड में ये मैच हुए। 1975 में क्लाइव लायड की वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मैच में यह समझ आया कि बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच बड़ा बन सकता है। इस मैच को देखने मैच के पहले दिन 85,596 दर्शक पहुंचे। हालांकि इस मैच के बाद भी परंपरा शुरू नहीं हो पाई।
फिर ऑस्ट्रेलिया ने रेगुलर खेलना शुरू किया बॉक्सिंग डे टेस्ट
इसके करीब पांच साल बाद ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच करवाना शुरू किया। इसके बाद सिर्फ एक बार 1989 में मेलबर्न में टेस्ट मैच नहीं हुआ है। इस दिन ऑस्ट्रेलिया और श्री लंका के बीच वनडे मैच खेला गया था। सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं इस मौके पर न्यू जीलैंड और साउथ अफ्रीका में भी मैच खेला जाता है।
-एजेंसियां

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