CCRT द्वारा ‘ओत्तेरेकी’ व ‘मेरे हमसफ़र’ पुस्तकों का लोकार्पण

केन्द्रीय सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार तथा प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच-दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव अवसर पर सीसीआरटी सभागार में भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन हुआ।

संयोगवश विश्व विख्यात कवयित्री-मंच संचालिका डॉ कीर्ति काले के जन्मदिन के अवसर पर उनके प्रथम व्यंग्य संकलन “ओत्तेरेकी”, प्रसिद्ध कवि श्री सुरेन्द्र दुबे कृत पुस्तक “श्रीमद्भगवद्गीता पद्यानुवाद” तथा हिमालिनी पत्रिका के दिल्ली-ब्यूरो प्रमुख एस.एस.डोगरा की पुस्तक “मेरे हमसफ़र” का विधिवत लोकार्पण बतौर मुख्यातिथि हास्य कवि पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा ने किया।

इस मौके पर सीसीआरटी के निदेशक-ऋषि वशिष्ठ, उप-निदेशक डॉ राहुल, लक्ष्मीशंकर वाजपेई, प्रेमबिहारी मिश्र, प्रो. (डॉ) प्रसनान्शु, मंगल नसीम, डॉ प्रवीण शुक्ल, ओमप्रकाश कल्याणे, चन्द्र प्रकाश दुबे, हरि प्रकाश पाण्डे, श्वेता सिंह, शैला खान, मोनिका, निकिता, संतोष टोकस, डी.वी. सिंह, संजय, गुरनाम, कृष्णा, बी.सोनी, अभिजीत, डॉ सी.एम भगत, नीलम, अभिषेक, अनुपमा, सुन्दर, शम्मी, ममता आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।

गौरतलब है कि पत्रकार-लेखक तथा वर्तमान में एफआईएमटी कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफ़ेसर एस.एस.डोगरा की इस तीसरी पुस्तक “मेरे हमसफ़र” में शिक्षा, साहित्य, राजनीति, खेल, मीडिया, सिनेमा, आध्यात्म, समाजसेवी क्षेत्र की नामचीन हस्तियों के कुल 47 साक्षात्कार हैं।

इस पुस्तक का प्राक्कथन हिंदुस्तान के हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा डॉ वेद प्रताप वैदिक जी तथा भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी जी ने लिखा है। इस पुस्तक को दरियागंज दिल्ली के प्रतिष्ठित प्रकाशक दी बुक लाइन ने प्रकाशित किया है। यह अमेजन पर ऑनलाइन उपलब्ध है पेपर-बैक में इस पुस्तक की कीमत 295 रूपये रखी गई है।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र के स्कॉलर्शिप विजेता कलाकारों द्वारा गायन एवं नृत्य प्रस्तुति उपरांत श्रीमती भावना तिवारी को डॉ कीर्ति काले गीत गौरव सम्मान और श्री सुन्दर कटारिया को सुरेन्द्र दुबे हास्य गौरव सम्मान से सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में युवा रचनाकारों ने अपनी-अपनी कविताएँ प्रस्तुत की ।

– अशोक कुमार निर्भय,

वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार

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