बॉम्बे हाईकोर्ट ने खार‍िज़ की Gautam Navlakha की याच‍िका

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज गौतम नवलखा की उस याच‍िका को खार‍िज़ कर द‍िया है ज‍िसमें नवलखा ने अपने ख‍िलाफ दर्ज़ केस को खार‍िज़ करने की गुजार‍िश कोर्ट से की थी। हाई कोर्ट ने कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया सुबूत हैं।

बॉम्बे हाई कोर्ट कोरेगांव-भीमा हिंसा और माओवादियों के साथ कथित जुड़ाव के लिए नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए शुक्रवार को कहा कि पहली नजर में मामले में तथ्य पाए गए हैं। इसी के आधार पर कोर्ट ने मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कहा, ‘मामले की गंभीरता को देखते हुए हमें लगता है कि पूरी छानबीन जरूरी है।’ पीठ ने कहा कि यह बिना आधार और सबूत वाला मामला नहीं है। पीठ ने Gautam Navlakha की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने जनवरी 2018 में पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग की थी।

बता दें कि Gautam Navlakha और कुछ अन्य कायकर्ताओं के खिलाफ कथित रूप से नक्सलियों के साथ संबंध रखने के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नवलखा ने अपने खिलाफ दायर एफआईआर रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

पुणे पुलिस की अधिवक्ता अरुणा पाई ने कहा था कि मामले के सह अभियुक्त रोना विल्सन और सुरेंद्र गाडलिंग के लैपटॉप से बरामद कुछ दस्तावेजों से पता चलता है कि नवलखा और उनसे जुड़े कई समूहों की हिज्बुल नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत हुई है।
– एजेंसी

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