Malegaon blast केस में बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने किया कर्नल पुरोहित का आवेदन स्‍वीकार

मुंबई। Malegaon blast मामले के आरोपी कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की ओर से दायर आवेदन को बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्‍वीकार कर लिया। यह आवेदन उन्होंने मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले से खुद को पूरी तरह से मुक्‍त करने के लिए बॉम्‍बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

पुरोहित के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये पूर्व अनुमति की आवश्यकता थी, क्योंकि वह उस वक्त सेवारत सैन्य अधिकारी थे। 17 जनवरी 2009 को यह अनुमति महाराष्ट्र के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दी थी। पुरोहित के वकील श्रीकांत शिवडे ने हालांकि कहा कि गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत राज्य का विधि एवं न्याय विभाग जो मंजूरी देने वाला प्राधिकार है, उसे उचित प्राधिकार का गठन करना चाहिये था और पहले रिपोर्ट मांगनी चाहिये थी।

उन्होंने कहा कि पुरोहित के मामले में अनुमति जनवरी 2009 में दी गई, लेकिन प्राधिकार की नियुक्ति अक्तूबर 2010 में की गई। उन्होंने कहा कि पुरोहित के मामले में अनुमति यूएपीए के प्रावधानों के तहत वैध नहीं थी और इसलिये अदालतें उनके खिलाफ आरोपों का संज्ञान नहीं ले सकती हैं। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की पीठ ने आज की सुनवाई के दौरान याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया और कहा कि अनुमति पर दलीलें 16 जुलाई से सुनी जाएंगी।

जानकारी के मुताबिक मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत पा चुके आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट में आवेदन किया है कि राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने क्‍योंकि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सेना से किसी भी तरह की अनुमति नहीं मांगी है इसलिए उन्‍हें इस मामले से मुक्‍त कर दिया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्‍ट्र के मालेगांव में बम ब्‍लास्‍ट हुआ था। इस बम ब्‍लास्‍ट में सात लोगों की जान चली गयी थी जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। मामले में साध्‍वी प्रज्ञा और पुरोहित सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

मामले में अभियोजन पक्ष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इससे पहले पुरोहित की याचिका का विरोध किया था। एनआईए के वकील संदेश पाटिल ने दलील दी कि पुरोहित को अनुमति के मुद्दे पर आरोप मुक्त करने की मांग को लेकर नयी याचिका दायर करनी चाहिये।

पीठ ने एनआईए को यह भी सुझाव दिया कि एनआईए विशेष अदालत में मुकदमे पर तब तक आगे नहीं बढ़े जब तक कि उच्च न्यायालय अनुमति के मुद्दे पर पुरोहित की याचिका पर फैसला नहीं कर लेता।

पाटिल ने हालांकि पीठ से आज कहा कि विशेष एनआईए अदालत ने मामले में आरोप तय करने की तारीख आज के लिये ही निर्धारित की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा क्योंकि एनआईए अदालत अब तक तैयार नहीं है।

Malegaon blast में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के निकट बम विस्फोट में छह लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। Malegaon blast में ही पिछले साल 27 दिसंबर को विशेष एनआईए अदालत ने पुरोहित, सह आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और छह अन्य की आरोप मुक्त करने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
-एजेंसी

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