ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स: टॉप 3 में पहुंचे बर्नार्ड अर्नाल्ट, 13वें नंबर पर मुकेश अंबानी

नई दिल्‍ली। पिछले 7 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ कि दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट Bloomberg Billionaire Index में बिल गेट्स 2 नंबर से नीचे पहुंचे हों, लेकिन पिछले महीने ही टॉप 3 में पहुंचे बर्नार्ड अर्नाल्ट ने यह कर दिखाया। मंगलवार को आए Bloomberg Billionaire Index में बिल गेट्स तीसरे पायदान पर खिसक गए और बर्नार्ड एक पायदान चढ़कर लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए। लिस्ट में शामिल अमीरों में 13वें नंबर पर भारत के मुकेश अंबानी भी हैं।
अर्नाल्ट की लग्जरी गुड्स कंपनी एलवीएमएच (लुई विटन मोएत हेनेसी) के चेयरमैन व सीईओ हैं और फ्रांस में रहते हैं। उनकी नेटवर्थ 107.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की नेटवर्थ से 200 मिलियन डॉलर ज्यादा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक अर्नाल्ट ने अकेले साल 2019 में ही अपनी नेटवर्थ में 39 अरब डॉलर जोड़े हैं। ब्लूमबर्ग की लिस्ट में शामिल 500 अमीरों में अकेले अर्नाल्ट ही हैं, जिन्होंने इतने कम समय में अपनी नेटवर्थ में इतना काफा किया।
70 साल के अर्नाल्ट पिछले महीने ही इस एक्सक्लूसिव वेल्थ क्लब में शामिल हुए थे। टॉप 3 में ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजॉस, अर्नाल्ट और गेट्स हैं। बेजॉस नंबर वन पर काबिज हैं जबकि गेट्स तीसरे नंबर पर आ गए हैं और अर्नाल्ट दूसरे पर। पिछले महीने ही अर्नाल्ट 100 अरब डॉलर से ज्यादा की नेटवर्थ वालों की लिस्ट में पहुंचे थे। अगर तीनों की नेटवर्थ को जोड़ लिया जाए तो एसऐंडपी 500 इंडेक्स की लगभग सभी कंपनियों की इंडिविजुअल मार्केट वैल्यू से ज्यादा है। इनमें वॉलमार्ट, एक्सॉन मोबिल कॉर्प और वॉल्ट डिजनी भी शामिल हैं।
अर्नाल्ट और उनके परिवार ने अप्रैल के महीने में चर्च के रीकंस्ट्रक्शन के लिए 650 मिलियन डॉलर गिरवी रखे थे। अर्नाल्ट के पास पैरिस की एलवीएमएच का आधा कंट्रोल है। इसके आलावा उनके जन्म से पहले स्थापित क्रिश्चन डायर में उनकी 97 पर्सेंट हिस्सेदारी है।
अर्नाल्ट ने 1984 में लग्जरी गुड्स मार्केट में कदम रखा था। उन्होंने टेक्सटाइल ग्रुप का अधिग्रहण किया था, जिसके पास क्रिश्चियन डायर का भी स्वामित्व था। चार साल बाद उन्होंने कंपनी के अन्य बिजनस बेच दिए और एलवीएमएच में कंट्रोलिंग स्टेक खरीद लिया। उनकी आर्ट कलेक्शन में मॉडर्न और कन्टेंपररी पेंटिंग्स हैं, जिनमें पिकासो और वारहोल की पेंटिंग्स भी शामिल हैं।
बहरहाल, अगर गेट्स परोपकार के उद्देश्य से दान न करते तो अब भी वह दुनिया के सबसे अमीर शख्स होते। उन्होंने बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को 35 बिलियन डॉलर दान किए, जिसकी वजह से उनकी नेटवर्थ में कमी आई। उधर, इस साल बेजॉस की नेटवर्थ में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। उनकी नेटवर्थ 125 बिलियन डॉलर है, जबकि पत्नी मेकेंजी बेजॉस के साथ उनके तलाक के सेटलमेंट में भी खर्च हुआ। सेटलमेंट ने मेकेंजी को दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला बना दिया।
-एजेंसियां

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