रक्‍तदान शिविर की आड़ में खून का सौदा, डॉक्‍टर सहित 2 गिरफ्तार

लखनऊ। लोगों की जिदंगी बचाने के लिए रक्तदान कितना जरूरी है। सरकार से लेकर आम इंसान तक की समझ इसे लेकर विकसित हुई है लेकिन इस अभियान को सफल बनाने में जुटे लोगों को दर्द देने वाली एक खबर राजस्थान से सामने आई है।
दरअसल, यूपी पुलिस की STF टीम ने एक डॉक्टर सहित 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो लोगों का खून लेकर उसका सौदा करता था। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी जयपुर में रक्तदान शिविर लगाता, रक्त जुटाता और उत्तर प्रदेश ले जाकर गिरोह के जरिए 6000 रुपए यूनिट के हिसाब से बेच देता। इतना ही नहीं, पूछताछ में बड़ी बात यह भी सामने आई है कि आरोपी डॉक्टर और उसका साथी डोनेट किया हुआ ब्लड 1200 रुपए में खरीदकर 4000 से 6000 हजार रुपए में बेचते थे। वहीं डिमांड ज्यादा हो तो एक यूनिट से 2 यूनिट खून तैयार कर ऊंचे दामों में बेच जाने का काम किया जा रहा था। इसके अलावा घर के ही फ्रिज में महीनों ब्लड को स्टोर करने जैसी लापरवाही की जानकारी भी मिली है।
आरोपी डॉक्टर सैफई मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी डॉक्टर अभय प्रताप सिंह सैफई मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है। दूसरा आरोपी अभिषेक पाठक है, जिसे एसटीएफ ने डॉक्टर के फ्लैट से पकड़ा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 100 यूनिट पैक रेड ब्लड सेल्स मिली हैं। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के मोबाइल से डिटेल भी निकलवाई है, जिसमें पता चला कि उसका जयपुर व मेवात में आना-जाना रहता था। डॉक्टर के पास से 21 ब्लड बैंकों के कागजात मिले हैं, जिनसे वह खून लाता था। जांच में पता चला कि ये दस्तावेज फर्जी हैं। इनकी आड़ में आरोपी खून की तस्करी कर रहा था।
राजस्थान में सक्रिय गिरोह, यूपी-बिहार में मंडी
जानकारों की मानें तो यूपी एसटीएफ अब राजस्थान पुलिस को खबरदार कर रही है कि राजस्थान में खून के सौदागर सक्रिय हैं। वे कैंप लगाकर खून एकत्र करते हैं, फिर 1200 रुपए यूनिट के हिसाब से लखनऊ के गिरोह को बेचते हैं। इधर पुलिस पूछताछ में पता चला है कि डॉ. अभय और अभिषेक पाठक कई साल से खून की तस्करी कर रहे थे। दोनों ने बताया वे कई राज्यों से तस्करों के जरिए डोनेट किया हुआ खून जुटाते और यूपी-बिहार में बेचते थे। उनके अनुसार ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों राज्यों में लोग रक्तदान कम करते हैं और खून की डिमांड रहती है। तस्करी में ब्लड को वैध रूप देने के लिए फर्जी रक्तदान शिविर के दस्तावेज बना लेते थे। राजस्थान में जयपुर और मेवात इलाके में गिरोह के लोग सक्रिय हैं, जो लोगों से ब्लड डोनेट करवाते और गिरेाह को बेचते आए हैं।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *